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शरद पूर्णिमा के दिन धरती लोक पर भ्रमण करने आती हैं मां लक्ष्मी, जानिए कोजागरा के दिन क्या करने से प्रसन्न होंगी धन की देवी

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा और कोजागरी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात धन की देवी मां लक्ष्मी स्वयं बैकुंठ लोक से पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं। तो आइए जानते हैं इस दिन क्या करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

शरद पूर्णिमा 2026- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV शरद पूर्णिमा 2026

25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन को शरद पूर्णिमा, रास पूर्णिमा या कोजागरा के नाम से भी जाना जाता है। मिथिलांचल में नवविवाहितों के लिए कोजागरा का विशेष महत्व होता है। इस दिन  घर पर भोज का आयोजन किया जाता है और ससुराल पक्ष से नवविवाहितों को नये कपड़े व गहने उपहार में दिये जाते हैं। साथ ही आस-पास के लोगों में पान और मखाने बांटे जाते हैं। इसके अलावा कोजागरा के दिन लक्ष्मी पूजा का भी विशेष महत्व होता है, जिसे कोजागरी लक्ष्मींद्र पूजा कहते हैं। ये पूजा मिथिलांचल और बंगाल में बहुत ही महत्व रखती है। इस पूजा को मां लक्ष्मी के संदर्भ में मनाया जाता है। 

कोजागरा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  इस दिन मां लक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर बैठकर आती हैं। जो व्यक्ति इस दिन रात को जागकर मां लक्ष्मी की उपासना करता है, उसके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में धन-धान्य की बढ़ोतरी होती है। दरअसल कोजागरी का अर्थ ही है कि 'कौन जाग रहा है ?'। कहते हैं इस दिन देवी लक्ष्मी आकर ये देखती हैं कि आज रात उनकी उपासना के लिए कौन जाग रहा है। ऐसे में जो व्यक्ति इस दिन रात को जागकर मां लक्ष्मी की उपासना करता है, उनके निमित्त जागरण करता है और उनके लिए खास उपाय करता है, उसके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

शरद पूर्णिमा (कोजागरा) के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम

  • मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं- शरद पूर्णिमा के दिन अपने घर के मुख्य द्वार को साफ रखें। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं या रोली व हल्दी से स्वास्तिक बनाएं। इसे साथ ही घर के मुख्य दरवाजे पर घी का दीया जलाएं।

  • कनकधारा स्तोत्र का पाठ- कोजागरा यानी शरद पूर्णिमा के दिन 'कनकधारा स्तोत्र' या 'लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

  • रात्रि जागरण और मां लक्ष्मी मंत्र का जाप- शरद पूर्णिमा के दिन पूरी रात जागकर जागरण करें या मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें। कोजागरा की रात 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले महालक्ष्मी नमः' का कम से कम 108 बार जाप करें।

  • विष्णु जी और मां लक्ष्मी की पूजा- शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें। देवी लक्ष्मी को कमल के फूल, कौड़ियां, मखाने और कमलगट्टे चढ़ाएं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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