इस साल 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस दौरान मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है। बता दें कि पूरे साल में चार बार नवरात्रि आती है जिसमें प्रमुख शारदीय और चैत्र नवरात्रि होती है। माघ और आषाढ़ में गुप्त नवरात्रि आती है, जो मुख्य रूप से साधना, तंत्र और गुप्त पूजा के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में देवी दुर्गा के आगमन और प्रस्थान का वाहन का विशेष महत्व होता है। इस साल शारदीय नवरात्रि में मां भगवती हाथी पर सवार होकर आएंगे और घोड़े पर विदा होंगी। तो चलिए जानते हैं मां दुर्गा का आगमन और प्रस्थान का वाहन किस बात का संकेत दे रहा है।
हाथी पर मां दुर्गा का आगमन किस बात का संकेत है?
आपको बता दें कि यूं तो मां दुर्गा का वाहन सिंह यानी शेर है लेकिन जब माता रानी पृथ्वीलोक पर आती है तब उनका वाहन बदल जाता है। देवीभाग्वत पुराण के श्लोक- शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे। गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥ के अनुसार सप्ताह के सातों दिनों के अनुसार देवी मां के आगमन का अलग-अलग वाहन बताया गया है। इस बार शारदीय नवरात्रि में मां जगदंबा हाथी पर सवार होकर आएंगी। ज्योतिषों के अनुसार, देवी दुर्गा का आगमन हाथी पर होना अत्यंत ही शुभ संकेत माना जाता है। हाथी को सुख-समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जब माता हाथी पर आती हैं तो देश और समाज में आर्थिक समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली में वृद्धि होती है। इस साल शारदीय नवरात्रि का आरंभ 11 अक्टूबर को होगा और समाप्त 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशी के साथ होगा। नवरात्रि के पहले दिन भक्तणग कलश स्थापना और अखंड ज्योत जलाते हैं।
घोड़े पर प्रस्थान करेंगे मां दुर्गा
मां दुर्गा का घोड़े पर विदा होना तीव्र परिवर्तन और हलचल का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घोड़े पर विदाई से देश-दुनिया में तनाव, अशांति की स्थिति, युद्ध की स्थिति या प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ सकती है। बता दें कि विजयादशमी जिस दिन मनाई जाती है, उसी के अनुसार माता रानी की विदाई का वाहन तय होता है। इस साल विजयादशमी यानी दशहरा का त्यौहार 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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