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भाद्रपद माह का अंतिम प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? नोट कर लें सही डेट और पूजा का शुभ मुहूर्त

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Sep 20, 2026 04:36 pm IST,  Updated : Sep 20, 2026 04:41 pm IST

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। प्रदोष का व्रत करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। तो आइए जानते हैं कि भाद्रपद माह का आखिरी प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा।

प्रदोष व्रत 2026- India TV Hindi
प्रदोष व्रत 2026 Image Source : PEXELS

प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत करने का विधान है। इस दिन व्रत रखने और भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति है। प्रदोष का व्रत सप्ताह के जिस दिन पड़ता है उसका नाम उसी वार के हिसाब से रखा जाता है। भाद्रपद माह का आखिरी प्रदोष व्रत गुरुवार को रखा जाएगा इसलिए इसे गुरु प्रदोष कहेंगे। गुरु प्रदोष के दिन महादेव के साथ ही भगवान विष्णु की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। तो आइए जानते हैं कि भाद्रपद का अंतिक प्रदोष व्रत कब है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

गुरु प्रदोष 2026 डेट

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी का आरंभ 23 सितंबर को रात 10 बजकर 50 मिनट पर होगा। त्रयोदशी का समापन 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर होगा। गुरु प्रदोष का व्रत 24 सितंबर 2026 को रखा जाएगा।

प्रदोष पूजा मुहूर्त 2026

भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल का समय सबसे अधिक उत्तम माना जाता है। गुरु प्रदोष की पूजा के लिए प्रदोष मुहूर्त 24 सितंबर को शाम 6 बजकर 33 मिनट से रात 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 52 मिनट से सुबह 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।

गुरु प्रदोष व्रत का महत्व

गुरु प्रदोष को बृहस्पति प्रदोष भी कहा जाता है। गुरु प्रदोष व्रत को आध्यात्मिक उन्नति और धर्मज्ञान की प्राप्ति हेतु महत्वपूर्ण माना गया है। भगवान शिव को तो यह दिन प्रिय है ही लेकिन देवगुरु बृहस्पति से संबंधित होने के कारण इस दिन व्रत करने से ज्ञान, शिक्षा, धन, धर्म और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। गुरु प्रदोष व्रत करने से सभी क्षेत्रों में उन्नति मिलती है।

प्रदोष व्रत 2026 योग 

गुरु प्रदोष के दिन रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है। रवि योग सुबह में 10 बजकर 35 मिनट से लेकर अगले दिन 25 सितंबर को सुबह 06 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही धृति योग भी बन रहा है। गुरु प्रदोष के दिन धृति योग सुबह से दोपहर में 3 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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