30 अगस्त को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और रविवार का दिन है। द्वितीया तिथि रविवार सुबह 9 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। 30 अगस्त को देर रात 3 बजकर 45 मिनट तक उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा रविवार को पंचक और प्रथ्वी लोक की भद्रा है। 30 अगस्त को रात 9 बजकर 15 मिनट से कल सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक प्रथ्वी लोक की भद्रा रहेगी। तो चलिए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं रविवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
30 अगस्त 2026 का पंचांग
- भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि- 30 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 38 मिनट तक
- उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र- 30 अगस्त 2026 को देर रात 3 बजकर 45 मिनट तक
- प्रथ्वी लोक की भद्रा- 30 अगस्त 2026 को रात 9 बजकर 15 मिनट से कल सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक
- 30 अगस्त 2026 विशेष- पंचक
30 अगस्त 2026 शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:51 ए एम से 05:37 ए एम
- प्रातः सन्ध्या- 05:14 ए एम से 06:23 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:14 पी एम से 01:04 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:44 पी एम से 03:34 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:55 पी एम से 07:18 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 06:55 पी एम से 08:04 पी एम
- अमृत काल-10:56 पी एम से 12:32 ए एम, अगस्त 31
- सर्वार्थ सिद्धि योग- 06:23 ए एम से 03:44 ए एम, अगस्त 31
राहुकाल का समय
- दिल्ली- शाम 05:09 - 06:45 PM
- मुंबई- शाम 05:21 - 06:55 PM
- चंडीगढ़- शाम 05:12 - 06:48 PM
- लखनऊ- शाम 04:53 - 06:29 PM
- भोपाल- शाम 05:05 - 06:40 PM
- कोलकाता- शाम 04:21 - 05:56 PM
- अहमदाबाद- शाम 05:24 - 06:59 PM
- चेन्नई- शाम 04:48 - 06:21 PM
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 05:57 बजे
- सूर्यास्त- शाम 06:44 बजे
पृथ्वी लोक की भद्रा
ज्योतिष विज्ञान के अनुसार भद्रा अलग-अलग बारह चंद्र राशियों के अनुसार तीनों लोक- स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल में घूमती रहती है। जब चंद्रमा कर्क, सिंह, कुंभ और मीन राशि में होता है तब भद्रा का वास पृथ्वी लोक पर माना जाता है। रविवार को चंद्रमा का वास मीन राशि में है तो इसलिए पृथ्वी लोक की भद्रा है। पृथ्वी लोक की भद्रा में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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