Chaitra Navratri 2026 Bhog: चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक दुर्गा मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है। साल 2026 में 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरु होगा। नवरात्रि के दौरान माता के नौ रूपों की पूजा के साथ ही उन्हें अलग-अलग भोग सामग्री भी आपको अर्पित करनी चाहिए। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि नवरात्रि के नौ दिनों में व्रत, पूजन के साथ ही किन भोज्य पदार्थों का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
पहला दिन- मां शैलपुत्री के लिए भोग
नवरात्रि के प्रथम दिन घटस्थापना के साथ ही मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। माता शैलपुत्री को दूध और घी से बनी सफेद रंग की मिठाई या फिर गाय के दूध से बनी खीर का लगाना शुभ माना जाता है।
दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी के लिए भोग
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री, चीनी या गुड़ से बने भोज्य पदार्थों का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से आपको ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है।
तीसरा दिन- मां चंद्रघंटा के लिए भोग
नवरात्रि का तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा को दूध से बने भोज्य पदार्थ या मेवा से बनी चीजें आप भोग के रूप में अर्पित कर सकते हैं।
चौथा दिन- मां कूष्मांडा के लिए भोग
माता कुष्मांडा की पूजा नवरात्रि के चौथे दिन पर की जाती है। माता कुष्मांडा को मालपुए का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुखों की प्राप्ति आपको होती है।
पांचवां दिन- मां स्कंदमाता के लिए भोग
स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि के पांचवें दिन करने का विधान हैं। माता को केला आप अर्पित कर सकते हैं। केले का भोग मां को अतिप्रिय है। स्कंदमाता की पूजा करने से संतान पक्ष को लाभ मिलता है।
छठा दिन- मां कात्यायनी के लिए भोग
माता कात्यायनी की पूजा नवरात्रि के छठे दिन की जाती है। माता कात्यायनी को मीठा पान या फिर शहद आप भोग के रूप में अर्पित कर सकते हैं।
सातवां दिन- मां कालरात्रि के लिए भोग
नवरात्रि का सातवां दिन माता कालरात्रि को समर्पित है। माता को गुड़ या गुड़ से बने पदार्थों का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
आठवां दिन- मां गौरी के लिए भोग
नवरात्रि के आठवें दिन अष्टमी पूजन भी होता है और साथ ही मां महागौरी की पूजा भी की जाती है। माता को हलवा-पूरी, खीर और नारियल का भोग लगाना शुभ माना जााता है।
नौवां दिन- मां सिद्धिदात्री के लिए भोग
चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन नवमी पूजन करके नवरात्रि पूजा का समापन भी होता है। माता सिद्धिदात्री को काला चना, हलवा, नारियल आदि का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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