Janmashtami 2026 Moonrise Time (आज चांद कब निकलेगा): श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कई लोग व्रत रखते हैं और शुभ मुहूर्त में कान्हा की विधि विधान पूजा करते हैं। कहते हैं यह व्रत रखने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कई श्रद्धालु इस दिन चंद्र देव की भी पूजा करते हैं। यदि आपने भी जन्माष्टमी का व्रत रखा है और चंद्रोदय समय के बारे में जानना चाहते हैं, तो एकदम सही जगह पर आए हैं। चलिए जानते हैं जन्माष्टमी के दिन चांद कितने बजे दिखेगा।
जन्माष्टमी पर चांद कब निकलेगा 2026
- नई दिल्ली चंद्रोदय समय - 11:29 PM
- मथुरा -वृंदावन चंद्रोदय समय - 11:30 PM
- नोएडा चंद्रोदय समय - 11:28 PM
- चेन्नई चंद्रोदय समय - 11:56 PM
- जयपुर चंद्रोदय समय - 11:40 PM
- पुणे चंद्रोदय समय - 12:10 AM, सितम्बर 05
- हैदराबाद चंद्रोदय समय - 11:53 PM
- गुरुग्राम चंद्रोदय समय - 11:30 PM
- चण्डीगढ़ चंद्रोदय समय - 11:24 PM
- कोलकाता चंद्रोदय समय - 11:59 PM
- मुम्बई चंद्रोदय समय - 12:12 AM, सितम्बर 05
- बेंगलूरु चंद्रोदय समय - 12:07 AM, सितम्बर 05
- अहमदाबाद चंद्रोदय समय - 12:04 AM, सितम्बर 05
- जम्मू चंद्रोदय समय - 11:26 PM
चंद्रमा को अर्घ्य देने की सही विधि
- चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए एक चांदी या तांबे के लोटे में शुद्ध जल भर लें। इसमें थोड़ा सा कच्चा दूध, रोली, अक्षत और सफेद फूल मिलाएं।
- फिर चंद्रमा के प्रकट होने पर उनकी ओर मुख करके खड़े हों और मन ही मन चंद्र देव के मंत्र का जाप करते हुए चंद्रमा को जल अर्पित करें।
- अर्घ्य देते समय 'ॐ सोमाय नमः' मंत्र का जाप कर सकते हैं।
- इसके बाद भगवान रात 12 बजे भगवान कृष्ण की पूजा करें और उनकी आरती करें।
- इसके बाद आप चाहें तो अपना व्रत खोल सकते हैं।
जन्माष्टमी पर क्या चंद्रमा की पूजा जरूरी है?
जी नहीं, जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा की पूजा बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। ये आपकी श्रद्धा पर निर्भर करता है कि आप इस दिन चंद्रमा का पूजा करना चाहते हैं या नहीं। शास्त्रों अनुसार इस दिन बाल गोपाल की पूजा जरूरी मानी जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
Krishna Janmashtami Aarti Live: जन्माष्टमी की सुबह-शाम जरूर करें यह आरती, नोट करें कृष्ण जी की सबसे फलदायी आरती के लिरिक्स