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Krishna Janmashtami Aarti Live: जन्माष्टमी की सुबह-शाम जरूर करें यह आरती, नोट करें कृष्ण जी की सबसे फलदायी आरती के लिरिक्स

 Written By: Laveena Sharma
 Updated : Sep 04, 2026 08:23 am IST

Janmashtami 2026 Shri Krishna Aarti Lyrics (आरती कुंजबिहारी की लिरिक्स) Live: आज यानी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस पर्व पर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा होती है। साथ ही पूजा के दौरान उनकी आरती जरूर गाई जाती है। चलिए जानते हैं श्रीकृष्ण भगवान की आरती के लिरिक्स।

आरती कुंजबिहारी की,...- India TV Hindi
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की Image Source : INDIA TV

Janmashtami 2026 Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics Live: जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण को समर्पित है। इस दिन श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में बाल गोपाल की विधि विधान पूजा करते हैं। उन्हें उनकी पसंदीदा चीजों का भोग लगाते हैं और रात 12 बजे उनका पंचामृत से अभिषेक करके उनकी आरती उतारते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जन्माष्टमी पर कौन-कौन सी आरती की जाती हैं? तो आपको बता दें जन्माष्टमी पर सबसे पहले भगवान गणेश की आरती की जाती है। इसके बाद श्रद्धालु भगवान कृष्ण की आरती करते हैं। ये आरती है - आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की...चलिए जानते हैं इस आरती के लिरिक्स। 

janmasthami aarti lyrics
Image Source : INDIA TVजन्माष्टमी आरती लिरिक्स

कृष्ण जन्माष्टमी की आरती (Krishna Janmashtami Ki Aarti)

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला,
बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला,
नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली,
राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली
भ्रमर सी अलक,
कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै ।
बजे मुरचंग,
मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,
सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा
बसी शिव सीस,
जटा के बीच,
हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद,
चांदनी चंद,
कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

कृष्ण भगवान की आरती
Image Source : INDIA TVकृष्ण भगवान की आरती

जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की आरती का समय

जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की आरती एक बार सुबह करनी चाहिए तो दूसरी बार रात 12 बजे करनी चाहिए। ऐसी मान्यता है कि श्रीकृष्ण जी का जन्म आधी रात को 12 बजे हुआ था, इसी कारण से जन्माष्टमी की मुख्य पूजा रात में होती है।

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  • 8:23 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    bhaye pragat kripala Bhajan Aarti: श्री कृष्ण जन्म स्तुति

    • भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशुमति के हितकारी।

    • हर्षित महतारी सुर मुनि हारी मोहन मदन मुरारी ॥

    • कंसासुर जाना मन अनुमाना पूतना वेगी पठाई।
    • तेहि हर्षित धाई मन मुस्काई गयी जहाँ यदुराई॥
    • तब जाय उठायो हृदय लगायो पयोधर मुख मे दीन्हा।
    • तब कृष्ण कन्हाई मन मुस्काई प्राण तासु हर लीन्हा॥
    • जब इन्द्र रिसायो मेघ पठायो बस ताहि मुरारी।
    • गौअन हितकारी सुर मुनि हारी नख पर गिरिवर धारी॥
    • कन्सासुर मारो अति हँकारो बत्सासुर संघारो।
    • बक्कासुर आयो बहुत डरायो ताक़र बदन बिडारो॥
    • तेहि अतिथि न जानी प्रभु चक्रपाणि ताहिं दियो निज शोका।
    • ब्रह्मा शिव आये अति सुख पाये मगन भये गये लोका॥
    • यह छन्द अनूपा है रस रूपा जो नर याको गावै।
    • तेहि सम नहि कोई त्रिभुवन सोयी मन वांछित फल पावै॥
    • नंद यशोदा तप कियो , मोहन सो मन लाय।
    • देखन चाहत बाल सुख , रहो कछुक दिन जाय॥
    • जेहि नक्षत्र मोहन भये ,सो नक्षत्र बड़िआय।
    • चार बधाई रीति सो , करत यशोदा माय॥
  • 7:52 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Jamashtami Aarti Live: श्री बालकृष्ण जी की आरती

    आरती बालकृष्ण की कीजै |
    अपनों जनम सुफल करि लीजै |
    श्रीयशुदा को परम दुलारौ |
    बाबा की अखियन कौ तारो ||
    गोपिन के प्राणन को प्यारौ |
    इन पै प्राण निछावरी कीजै |
    आरती बालकृष्ण की कीजै ||
    बलदाऊ कौ छोटो भैया |
    कनुआँ कहि कहि बोलत मैया |
    परम मुदित मन लेत वलैया |
    यह छबि नयननि में भरि लीजै |
    आरती बालकृष्ण की कीजै ||
    श्री राधावर सुघर कन्हैया |
    ब्रजजन कौ नवनीत खवैया |
    देखत ही मन नयन चुरैया |
    अपनौ सरबस इनकूं दीजे |
    आरती बालकृष्ण की कीजै ||
    तोतरि बोलनि मधुर सुहावै |
    सखन मधुर खेलत सुख पावै |
    सोई सुकृति जो इनकूं ध्यावै |
    अब इनकूं अपनों करि लीजै |
    आरती बालकृष्ण की कीजै ||

  • 7:34 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Ganesh Ji Ki Aarti Live: गणेश जी की आऱती

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    एक दंत दयावंत,
    चार भुजा धारी ।
    माथे सिंदूर सोहे,
    मूसे की सवारी ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    पान चढ़े फल चढ़े,
    और चढ़े मेवा ।
    लड्डुअन का भोग लगे,
    संत करें सेवा ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    अंधन को आंख देत,
    कोढ़िन को काया ।
    बांझन को पुत्र देत,
    निर्धन को माया ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    ‘सूर’ श्याम शरण आए,
    सफल कीजे सेवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

    दीनन की लाज रखो,
    शंभु सुतकारी ।
    कामना को पूर्ण करो,
    जाऊं बलिहारी ॥

    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती,
    पिता महादेवा ॥

  • 7:32 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Banke Bihari Ki Aarti Lyrics: बांके बिहारी की आरती

    श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
    हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
    आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
    श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे,
    प्यारी बंसी मेरो मन मोहे ।
    देख छवि बलिहारी मैं जाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    चरणों से निकली गंगा प्यारी,
    जिसने सारी दुनिया तारी ।
    मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    दास अनाथ के नाथ आप हो,
    दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो ।
    हरी चरणों में शीश झुकाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    श्री हरीदास के प्यारे तुम हो ।
    मेरे मोहन जीवन धन हो।
    देख युगल छवि बलि बलि जाऊं ।
    ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

    श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
    हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
    आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
    श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।

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