श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भगवान कृष्ण के साथ ही राधा रानी की भक्ति के लिए भी विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीकृष्ण की पूजा तभी संपन्न होती है जब राधा रानी का भी ध्यान किया जाए। इसलिए जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण की पूजा के साथ ही भक्तों को राधा रानी का भी ध्यान अवश्य करना चाहिए। इस शुभ दिन पर अगर राधा रानी के नीचे दिए गए मंत्रों का कोई जप करता है तो उसे वैवाहिक और प्रेम जीवन में सुखद परिणाम होते हैं। साथ ही भगवान कृष्ण और राधा-रानी भक्तों की सभी मनोकामनाओं को भी पूरा कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन मंत्रों के बारे में।
राधा रानी के मंत्र
1. ॐ ह्रीं श्रीं राधिकायै नमः
राधा रानी के इस मंत्र का जप जन्माष्टमी के त्योहार के दिन करने से वैवाहिक जीवन में बेहद सुखद बदलाव आ सकते हैं। साथ ही प्रेम संबंधों में भी निखार देखने को मिल सकता है। इस मंत्र के प्रभाव से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। जिन अविवाहित लोगों को योग्य वर या वधु की तलाश है उन्हें इस मंत्र का जप करने से योग्य साथी मिल सकता है।
2. श्री राधे वृंदावनेश्वरी करुणावतारिणी नमस्तुते
राधा रानी के इस मंत्र का जप पति-पत्नी को एक साथ करना चाहिए। जन्माष्टमी के पावन पर्व के दौरान इस मंत्र का जप करने से दांपत्य जीवन में आ रही सभी परेशानियों का अंत हो सकता है। इसके साथ ही यह मंत्र मानसिक शांति दिलाने वाला और आत्मबल बढ़ाने वाला भी माना जाता है।
3. ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि तन्नो राधा प्रचोदयात्
यह राधा गायत्री मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से मां राधा और भगवान कृष्ण दोनों प्रसन्न होते हैं। इस मंत्र के प्रभाव से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती है साथ ही दांपत्य और पारिवारिक जीवन में भी आपको सुखद परिणाम मिल सकते हैं। यह मंत्र समस्त कष्टों को हरने वाला माना गया है।
4. ॐ ह्रीं राधिकायै नमः
प्रेम और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बिठाने के लिए और गलतफहमियों को दूर करने के लिए इस मंत्र का जप करना सुखद माना जाता है। यह मंत्र आपके मन की गलत भावनाओं को भी दूर कर सकता है।
5. राधे-राधे
राधा रानी का यह बेहद सरल मंत्र अत्यंत चमत्कारी माना गाया है। इसीलिए इस मंत्र को महामंत्र भी कहा जाता है। इस मंत्र का जप करने से आपको न केवल वैवाहिक और प्रेम जीवन में अच्छे बदलाव देखने को मिलते हैं बल्कि आपका जीवन भी सही दिशा में प्रगतिशील होता है। आध्यात्मिक उन्नति के साथ ही भौतिक सुखों की प्राप्ति भी इस मंत्र का जप करने से आपको हो सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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