हिंदू धर्म में कार्तिक माह को सभी महीनों में अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। यह माह भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि जो भी व्यक्ति कार्तिक मास में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और नारायण की उपासना करता है उसे मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही सुख-समृद्धि और संपन्नता का आशीर्वाद भी मिलता है। आपको बता दें कि कार्तिक माह में ही चातुर्मास का समापन भी होता है। देवउठनी एकादशी के दिन विष्णु जी चार माह के योग निद्रा से जागेंगे। तो आइए जानते हैं कि पावन कार्तिक मास में किन 6 कार्यों को करने से जगत के पालनहार की असीम कृपा मिलती है।
1. तुलसी पूजन
तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय है और उनकी कोई भी पूजा या भोग तुलसी के बिना पूरा नहीं माना जाता है। कार्तिक का महीना तुलसी की लिए अत्यंत ही उत्तम माना गया है। इस पूरे मास में नियमित रूप (कुछ विशेष दिनों को छोड़कर) से सुबह के समय तुलसी जी को जल अर्पित करें। इसके बाद शाम के समय तुलसी के पास घी का दीया जलाएं। ऐसा करने से धन-धान्य में बरकत होती है और घर से नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है।
2. दान-पुण्य
कार्तिक माह में पूजा-पाठ, जप, तप और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। इस महीने में अपनी क्षमतानुसार गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन, वस्त्र और अन्य जरूरी चीजों का दान करें। ऐसा करने से लक्ष्मी-नारायण की खास कृपा बरसती है और धन-धान्य में बरकत होती है।
3. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान
इस पवित्र में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का खास महत्व बताया गया है, जिसे 'कार्तिक स्नान' कहा जाता है। इस पूरे महीने में सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना बेहद पुण्यदायी माना जाता है।
4. दीपदान
कार्तिक मास में दीपदान करने का विशेष महत्व है। इस माह में पवित्र जलाशयों के आसपास, मंदिरों में, पीपल के पेड़ के नीचे और अपने मुख्य द्वार पर दीपदान अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा पीपल पेड़ के नीचे और तुलसी के पौधे के पास भी दीया जलाएं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने जीवन में प्रकाश व समृद्धि का आगमन होता है। पितरों का भी आशीर्वाद मिलता है। आप अपनी सुविधानुसार प्रतिदिन एक या अधिक दीपक जला सकते हैं।
5. भगवान विष्णु की पूजा
कार्तिक माह में सच्चे मन और श्रद्धा, भक्ति भाव के साथ विष्णु जी की उपासना करें। सुबह-शाम भगवान विष्णु के सामने दीया जलाएं और नारायण की पूजा करें। विष्णु सहस्रनाम, विष्णु चालीसा का पाठ और विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें। भगवान विष्णु को उनके प्रिय फल, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें।
6. सात्विक आहार
पूरे कार्तिक माह में सात्विक भोजन का ही सेवन करें। इस महीने में तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए। कार्तिक मास में भूलकर भी मांस, मंदिरा, प्याज-लहसुन का सेवन न करें। इन सभी तामसिक चीजों से पूरी तरह से परहेज करें।
कार्तिक मास 2026 कब से कब तक रहेगा?
इस साल साल कार्तिक माह का आरंभ 26 अक्टूबर 2026 से हुआ था। कार्तिक मास का समापन 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन होगा। कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान-दान करने से पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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