मंगल ग्रह को ज्योतिष में नेतृत्व, साहस, ऊर्जा का कारक माना जाता है। इसके साथ ही करियर, आर्थिक, पारिवारिक और वैवाहिक जीवन पर भी मंगल की दशा का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। हालांकि, मंगल की महादशा के दौरान कुछ ग्रहों की अंतर्दशा को बेहद शुभ माना गया है। इन ग्रहों में गुरु, बुध और चंद्रमा शामिल हैं। आइए ऐसे में विस्तार से जानते हैं कि मंगल के साथ इन ग्रहों की अंतर्दशा के दौरान कैसे परिणाम मिल सकते हैं।
मंगल की दशा में गुरु की अंतर्दशा का फल
मंगल की दशा के दौरान गुरु की अंतर्दशा बेहद शुभ परिणाम देती है। गुरु और मंगल आपस में मित्र हैं इसलिए मंगल-गुरु दशा के दौरान व्यक्ति को करियर के क्षेत्र में उपलब्धियां मिल सकती हैं। नेतृत्व करने की क्षमता का विकास होता है और साथ ही समाज में मान-प्रतिष्ठा भी बढ़ती है। मंगल के साथ गुरु की अंतर्दशा में आर्थिक पक्ष में भी मजबूती आने लगती है। इस दशा का सकारात्मक प्रभाव पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में भी देखने को मिल सकता है।
मंगल की दशा में बुध की अंतर्दशा का फल
मंगल जहां साहस-पराक्रम के ग्रह हैं वहीं बुध को वाणी और बुद्धि का कारक माना जाता है। ऐसे में जब साहस और बुद्धि का मिलन होता है तो अच्छे परिणाम जीवन में व्यक्ति को देखने को मिल सकते हैं। मंगल-बुध की दशा में शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियां व्यक्ति पा सकता है। इसके साथ ही करियर और कारोबार में भी अच्छे बदलाव आते हैं। वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी परेशानियां भी मंगल-बुध की दशा के दौरान दूर हो सकती हैं।
मंगल की दशा में चंद्रमा की अंतर्दशा
कुंडली में जब भी मंगल और चंद्रमा की युति होती है तो महालक्ष्मी योग का निर्माण होता है। ऐसे में मंगल-चंद्रमा की दशा के दौरान व्यक्ति को आर्थिक लाभ की प्राप्ति हो सकती है। इसके साथ ही रचनात्मक कार्यों में भी सफलता मिलने के योग बनते हैं। जो लोग कला के क्षेत्रों में कार्य करते हैं उनके लिए यह दशा बहुत लाभदायी साबित हो सकती है। इस दशा के प्रभाव से वैवाहिक जीवन में भी सुखद प्रभाव व्यक्ति को मिल सकते हैं।
नोट- मंगल की महादशा में ग्रहों की अंतर्दशा देखने से पहले इस बात का भी आपको पता होना चाहिए कि मंगल आपकी कुंडली में योगकारक है या नहीं। इसके लिए आप किसी ज्योतिषाचार्य से संपर्क कर सकते हैं या इंटरनेट के माध्यम से जान सकते हैं। अगर कुंडली में मंगल योगकारक है या शुभ अवस्था में है तो ऊपर बतायी गई जानकारी के अनुसार आपको फल प्राप्त हो सकते हैं। मंगल की दशा में शुभ फलों की प्राप्ति में अड़चनें आती हैं तो हनुमान जी की आराधना और हनुमान चालीसा का पाठ व्यक्ति को करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
15 अगस्त की सुबह चंद्रमा कन्या राशि में करेंगे गोचर, धन-धान्य से भर सकती है 3 राशियों की झोली