1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Hanuman Chalisa Lyrics Live: जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुं लोक उजागर - पढ़ें संपूर्ण हनुमान चालीसा

Hanuman Chalisa Lyrics Live: जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुं लोक उजागर - पढ़ें संपूर्ण हनुमान चालीसा

 Written By: Laveena Sharma
 Updated : Apr 02, 2026 12:21 pm IST

Hanuman Chalisa, Aarti Lyrics Live: हनुमान जयंती पर भक्त विशेष रूप से हनुमान चालीसा का पाठ और हनुमान जी की आरती जरूर करते हैं। ऐसे में हम आपके लिए लेकर आए हैं आरती कीजै हनुमान लला की और जय हनुमान ज्ञान गुन सागर के संपूर्ण लिरिक्स। इसके अलावा आप यहां हनुमान जी के भजन, मंत्र इत्यादि भी देखेंगे।

hanuman aarti and chalisa- India TV Hindi
हनुमान जी की आरती और चालीसा Image Source : CANVA

Hanuman Chalisa, Aarti Lyrics Live: आज 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु भगवान हनुमान की विधि विधान पूजा करेंगे और उनके मंत्रों, आरती, भजनों, चालीसा, सुंदरकांड इत्यादि का पाठ करेंगे। ये दिन भगवान हनुमान की कृपा पाने के लिए खास माना जाता है, इसलिए इस दिन भक्त अपने-अपने तरीके से बजरंगबली को प्रसन्न करने के उपाय करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्रीराम भक्त हनुमान को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका है उनकी चालीसा और आरती। जिसके लिरिक्स हम आपको यहां बताने जा रहे हैं। 

हनुमान चालीसा लिरिक्स (Aarti Kije Hanuman Lala Ji, Hanuman Chalisa Lyrics)

श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि।

बरनउं रघुबर विमल जसु, जो दायकु फल चारि॥

बुद्धिहीन तनु जानिकै, सुमिरौं पवन-कुमार।

बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार॥

हनुमान चालीसा चौपाई

जय हनुमान ज्ञान गुण सागर।

जय कपीस तिहुं लोक उजागर॥

राम दूत अतुलित बल धामा।

अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥

महावीर विक्रम बजरंगी।

कुमति निवार सुमति के संगी॥

कंचन बरन बिराज सुबेसा।

कानन कुण्डल कुंचित केसा॥

हाथ वज्र औ ध्वजा बिराजै।

काँधे मूँज जनेऊ साजै॥

शंकर सुवन केसरीनन्दन।

तेज प्रताप महा जग वन्दन॥

विद्यावान गुणी अति चातुर।

राम काज करिबे को आतुर॥

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।

राम लखन सीता मन बसिया॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।

विकट रुप धरि लंक जरावा॥

भीम रूप धरि असुर संहारे।

रामचन्द्र के काज संवारे॥

लाय सजीवन लखन जियाये।

श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।

तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥

सहस बदन तुम्हरो यश गावैं।

अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।

नारद सारद सहित अहीसा॥

जम कुबेर दिकपाल जहाँ ते।

कवि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।

राम मिलाय राज पद दीन्हा॥

तुम्हरो मन्त्र विभीषन माना।

लंकेश्वर भये सब जग जाना॥

जुग सहस्त्र जोजन पर भानू।

लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।

जलधि लांघि गए अचरज नाहीं॥

दुर्गम काज जगत के जेते।

सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥

राम दुआरे तुम रखवारे।

होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।

तुम रक्षक काहू को डरना॥

आपन तेज सम्हारो आपै।

तीनों लोक हांक ते कांपै॥

भूत पिशाच निकट नहिं आवै।

महावीर जब नाम सुनावै॥

नासै रोग हरै सब पीरा।

जपत निरंतर हनुमत बीरा॥

संकट ते हनुमान छुड़ावै।

मन क्रम वचन ध्यान जो लावै॥

सब पर राम तपस्वी राजा।

तिनके काज सकल तुम साजा॥

और मनोरथ जो कोई लावै।

सोइ अमित जीवन फल पावै॥

चारों जुग परताप तुम्हारा।

है परसिद्ध जगत उजियारा॥

साधु सन्त के तुम रखवारे।

असुर निकन्दन राम दुलारे॥

अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता।

अस बर दीन जानकी माता॥

राम रसायन तुम्हरे पासा।

सदा रहो रघुपति के दासा॥

तुम्हरे भजन राम को पावै।

जनम जनम के दुख बिसरावै॥

अंतकाल रघुबर पुर जाई।

जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई॥

और देवता चित्त न धरई।

हनुमत सेई सर्व सुख करई॥

संकट कटै मिटै सब पीरा।

जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

जय जय जय हनुमान गोसाई।

कृपा करहु गुरुदेव की नाई॥

जो शत बार पाठ कर कोई।

छूटहि बंदि महा सुख होई॥

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।

होय सिद्धि साखी गौरीसा॥

तुलसीदास सदा हरि चेरा।

कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥

हनुमान चालीसा दोहा

पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।

राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥

हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti)

  • आरती कीजै हनुमान लला की।
  • दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
  • आरती कीजै हनुमान लला की।।
  • जाके बल से गिरिवर कांपे।
  • रोग दोष जाके निकट न झांके॥
  • अंजनि पुत्र महा बलदाई।
  • संतन के प्रभु सदा सहाई॥
  • आरती कीजै हनुमान लला की।।
  • दे बीरा रघुनाथ पठाए।
  • लंका जारि सिया सुधि लाए॥
  • लंका सो कोट समुद्र-सी खाई।
  • जात पवनसुत बार न लाई॥
  • लंका जारि असुर संहारे।
  • सियारामजी के काज सवारे॥
  • आरती कीजै हनुमान लला की।।
  • लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।
  • आनि संजीवन प्राण उबारे॥
  • पैठि पाताल तोरि जम-कारे।
  • अहिरावण की भुजा उखारे॥
  • बाएं भुजा असुरदल मारे।
  • दाहिने भुजा संतजन तारे॥
  • आरती कीजै हनुमान लला की।।
  • सुर नर मुनि आरती उतारें।
  • जय जय जय हनुमान उचारें॥
  • कंचन थार कपूर लौ छाई।
  • आरती करत अंजना माई॥
  • जो हनुमान जी की आरती गावे।
  • बसि बैकुण्ठ परम पद पावे॥
  • आरती कीजै हनुमान लला की।।
  • आरती कीजै हनुमान लला की।
  • दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
  • आरती कीजै हनुमान लला की।।

Hanuman Ji Ki Aarti, Chalisa Live

Auto Refresh
Refresh
  • 11:00 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा

  • 10:27 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Hanuman Ji Ke Bhajan: राम ना मिलेगे हनुमान के बिना

    • पार ना लगोगे श्री राम के बिना,
    • राम ना मिलेगे हनुमान के बिना।
    • राम ना मिलेगे हनुमान के बिना,
    • श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना।
    • वेदो ने पुराणो ने कह डाला,
    • राम जी का साथी बजरंग बाला।
    • जीये हनुमान नही राम के बिना,
    • राम भी रहे ना हनुमान के बिना।
    • जग के जो पालन हारे है,
    • उन्हे हनुमान बड़े प्यारे है।
    • कर लो सिफ़ारिश दाम के बिना,
    • रास्ता ना मिलेगा हनुमान के बिना।
    • जिनका भरोसा वीर हनुमान,
    • उनका बिगड़ता नही कोई काम।
    • लक्खा कहे सुनो हनुमान के बिना,
    • कुछ ना मिलेगा गुणगान के बिना।
  • 9:32 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Hanuman Ji Ke Mantra: हनुमान जी के मंत्र

    1. ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहरणाय
    सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।

    2. ॐ दाशरथये विद्महे जानकी वल्लभाय धी महि तन्नो रामः प्रचोदयात् ॥

    3. राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
    सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने ।।

    4. ॐ जानकीकांत तारक रां रामाय नमः॥

    5. ॐ आपदामप हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम ,
    लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामाम्यहम !
    श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे,
    रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः !

  • 8:26 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Hanuman Chalisa English: हनुमान चालीसा अंग्रेजी लिरिक्स

    • Shri Guru Charan Sarooja-raj
    • Nija manu Mukura Sudhaari
    • Baranau Rahubhara Bimala Yasha Jo Dayaka Phala Chari
    • Budhee-Heen Thanu Jannikay Sumirow Pavana Kumara
    • Bala-Budhee Vidya Dehoo Mohee Harahu Kalesha Vikaara
    • Jai Hanuman gyan gun sagar
    • Jai Kapis tihun lok ujagar (x2)
    • Ram doot atulit bal dhama
    • Anjaani-putra Pavan sut nama
    • Mahabir Bikram Bajrangi
    • Rs 1 Trial
    • Kumati nivar sumati Ke sangi
    • Jai Hanuman gyan gun sagar
    • Jai Kapis tihun lok ujagar (x2)
    • Kanchan varan viraj subesa
    • Kanan Kundal Kunchit Kesha
    • Hath Vajra Aur Dhuvaje Viraje
    • Kaandhe moonj janehu sajai
    • Jai Hanuman gyan gun sagar
    • Jai Kapis tihun lok ujagar (x2)
    • Sankar suvan kesri Nandan
    • Tej prataap maha jag vandan
    • Sankar suvan kesri Nandan
    • Tej prataap maha jag vandan
    • Vidyavaan guni ati chatur
    • Ram kaj karibe ko aatur (x2)
    • Prabu charitra sunibe-ko rasiya
    • Ram Lakhan Sita man Basiya
    • Sukshma roop dhari Siyahi dikhava
    • Vikat roop dhari lank jarava
    • Bhima roop dhari asur sanghare
    • Ramachandra ke kaj sanvare
    • Jai Hanuman gyan gun sagar
    • Jai Kapis tihun lok ujagar (x2)
    • Laye Sanjivan Lakhan Jiyaye
    • Shri Raghuvir Harashi ur laye
    • Raghupati Kinhi bahut badai
    • Tum mam priye Bharat-hi-sam bhai
    • Sahas badan tumharo yash gaave
    • Asa-kahi Shripati kanth lagaave
    • Sankadhik Brahmaadi Muneesa
    • Narad-Sarad sahit Aheesa
    • Yam Kuber Digpaal Jahan te
    • Kavi kovid kahi sake kahan te
    • Jai Hanuman gyan gun sagar
    • Jai Kapis tihun lok ujagar (x2)
    • Tum upkar Sugreevahin keenha
    • Ram milaye rajpad deenha (x2)
    • Tumharo mantra Vibheeshan maana
    • Lankeshwar Bhaye Sub jag jana (x2)
    • Yug sahastra jojan par Bhanu
    • Leelyo tahi madhur phal janu
    • Prabhu mudrika meli mukh mahee
    • Jaladhi langhi gaye achraj nahee
    • Durgaam kaj jagath ke jete
    • Sugam anugraha tumhre tete
    • Jai Hanuman gyan gun sagar
    • Jai Kapis tihun lok ujagar (x2)
    • Ram dwaare tum rakhvare
    • Hoat na agya binu paisare
    • Sub sukh lahae tumhari sar na
    • Tum rakshak kahu ko dar naa
    • Aapan tej samharo aapai
    • Teenhon lok hank te kanpai
    • Bhoot pisaach Nikat nahin aavai
    • Mahavir jab naam sunavae
    • Nase rog harae sab peera
    • Japat nirantar Hanumant beera
    • Jai Hanuman gyan gun sagar
    • Jai Kapis tihun lok ujagar (x2)
    • Sankat se Hanuman chudavae
    • Man Karam Vachan dyan jo lavai (x2)
    • Sab par Ram tapasvee raja
    • Tin ke kaj sakal Tum saja (x2)
    • Aur manorath jo koi lavai
    • Sohi amit jeevan phal pavai
    • Charon Yug partap tumhara
    • Hai persidh jagat ujiyara
    • Sadhu Sant ke tum Rakhware
    • Asur nikandan Ram dulhare
    • Jai Hanuman gyan gun sagar
    • Jai Kapis tihun lok ujagar (x2)
    • Ashta-sidhi nav nidhi ke dhata
    • As-var deen Janki mata
    • Ram rasayan tumhare pasa
    • Sada raho Raghupati ke dasa
    • Tumhare bhajan Ram ko pavai
    • Janam-janam ke dukh bisraavai
    • Anth-kaal Raghuvir pur jayee
    • Jahan janam Hari-Bakht Kahayee
    • Aur Devta Chit na dharehi
    • Hanumanth se hi sarve sukh karehi
    • Sankat kate-mite sab peera
    • Jo sumirai Hanumat Balbeera
    • Jai Jai Jai Hanuman Gosahin
    • Kripa Karahu Gurudev ki nyahin
    • Jo sat bar path kare kohi
    • Chutehi bandhi maha sukh hohi
    • Jo yah padhe Hanuman Chalisa
    • Hoye siddhi sakhi Gaureesa
    • Tulsidas sada hari chera
    • Keejai Nath Hridaye mein dera
    • Jai Hanuman gyan gun sagar
    • Jai Kapis tihun lok ujagar
    • Pavan Tanay Sankat Harana
    • Mangala Murati Roop
    • Ram Lakhana Sita Sahita
    • Hriday Basahu Soor Bhoop
  • 7:46 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Hanuman Ashtak Lyrics: संकट मोचन हनुमानाष्टक

    ॥ मत्तगयन्द छन्द ॥

    बाल समय रवि भक्षि लियोतब तीनहुं लोक भयो अँधियारो।

    ताहि सों त्रास भयो जग कोयह संकट काहु सों जात न टारो।

    देवन आनि करी बिनतीतब छांड़ि दियो रबि कष्ट निवारो।

    को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥1॥

    बालि की त्रास कपीस बसैगिरि जात महाप्रभु पंथ निहारो।

    चौंकि महा मुनि साप दियोतब चाहिय कौन बिचार बिचारो।

    कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभुसो तुम दास के सोक निवारो।

    को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥2॥

    अंगद के सँग लेन गये सियखोज कपीस यह बैन उचारो।

    जीवत ना बचिहौ हम सो जुबिना सुधि लाए इहाँ पगु धारो।

    हेरि थके तट सिंधु सबैतब लाय सिया-सुधि प्रान उबारो।

    को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥3॥

    रावन त्रास दई सिय कोसब राक्षसि सों कहि सोक निवारो।

    ताहि समय हनुमान महाप्रभुजाय महा रजनीचर मारो।

    चाहत सीय असोक सों आगि सुदै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो।

    को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥4॥

    बान लग्यो उर लछिमन केतब प्रान तजे सुत रावन मारो।

    लै गृह बैद्य सुषेन समेत तबैगिरि द्रोन सु बीर उपारो।

    आनि सजीवन हाथ दईतब लछिमन के तुम प्रान उबारो।

    को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥5॥

    रावन जुद्ध अजान कियो तबनाग कि फाँस सबै सिर डारो।

    श्रीरघुनाथ समेत सबै दलमोह भयो यह संकट भारो।

    आनि खगेस तबै हनुमान जुबंधन काटि सुत्रास निवारो।

    को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥6॥

    बंधु समेत जबै अहिरावनलै रघुनाथ पताल सिधारो।

    देबिहिं पूजि भली बिधि सोंबलि देउ सबै मिलि मंत्र बिचारो।

    जाय सहाय भयो तब हीअहिरावन सैन्य समेत सँहारो।

    को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥7॥

    काज कियो बड़ देवन के तुमबीर महाप्रभु देखि बिचारो।

    कौन सो संकट मोर गरीब कोजो तुमसों नहिं जात है टारो।

    बेगि हरो हनुमान महाप्रभुजो कुछ संकट होय हमारो।

    को नहिं जानत है जग मेंकपि संकटमोचन नाम तिहारो॥8॥

    ॥ दोहा ॥
    लाल देह लाली लसे,अरू धरि लाल लंगूर।

    बज्र देह दानव दलन,जय जय कपि सूर॥

  • 7:31 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    kijo Kesri Ke Laal: कीजौ केसरी के लाल

    कीजो केसरी के लाल मेरा छोटा सा यह काम,
    मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम,
    मैं राम संग जपता तुम्हारा सदा नाम,
    अपने राम जी से कह देना जय सिया राम

    दीन हीन के सहारे महावीर तुम हो,
    अपने भक्तो की जगाते तकदीर तुम हो,
    हर दुखिया का हाथ तुम लेते हो थाम,
    मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम

    महाबली महायोद्धा महासंत तुम हो,
    लाते सूखे हुए बागो में बसंत में तुम हो,
    तेरी भक्ति से आत्मा को मिलता आराम,
    मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम

    पूरी सदा ही हमारी हर आस करना,
    बाबा भक्तो को कभी ना निराश करना,
    दोनों चरण तुम्हारे हैं ‘लख्खा’ के सुखदाम,
    मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम

  • 7:16 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Shri Ram Stuti: श्री राम स्तुति

    श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।

    नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

    कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।

    पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

    भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।

    रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

    सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।

    आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

    इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।

    मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

    छंद :

    मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।

    करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

    एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।

    तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

    सोरठा :

    जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।

    मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।