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सावन में बाबा काशी विश्वनाथ के 4 अद्भुत स्वरूपों में होंगे दर्शन, पूर्णिमा के दिन होगा दिव्य श्रृंगार

सावन 2026 के दौरान हर सोमवार के दिन बाबा काशी विश्वनाथ के अद्भुत स्वरूपों के दर्शन भक्तों को होंगे। वहीं सावन पूर्णिमा के दिन बाबा विश्वनाथ अपने परिवार के संग भक्तों को दर्शन देंगे।

Baba Kashi Vishwanath - India TV Hindi
Image Source : SHRI KASHI VISHWANATH TEMPLE TRUST बाबा काशी विश्वनाथ

सावन के पवित्र महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है। यह माह देवों के देव महादेव को समर्पित है। सावन माह के दौरान शिव जी के भक्त विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं और साथ ही भगवान शिव के मंदिरों के दर्शन भी करते हैं। भगवान शिव के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक काशी विश्वनाथ भी है। इस साल बाबा विश्वनाथ सावन के 4 सोमवार के दौरान अलग-अलग रूपों में भव्य दर्शन भक्तों को देंगे। आइए जान लेते हैं इन अद्भुत स्वरूपों के बारे में। 

पहले सोमवार के दिन बाबा काशी विश्वनाथ का स्वरूप 

सावन महीने का पहला सोमवार 10 अगस्त को है। इस दिन बाबा विश्वनाथ शंकर स्वरूप में शृंगार के साथ दिखाई देंगे। बाबा का शृंगार फूलों से इस दिन किया जाएगा। आपको बता दें कि सावन सोमवार के पहले दिन एक अस्थायी प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित होगी और इसी का शृंगार किया जाएगा। सप्तऋषि आरती के बाद इस प्रतिमा के दर्शन भक्त कर सकते हैं। 

दूसरे सोमवार के दिन बाबा काशी विश्वनाथ का स्वरूप 

सावन महीने का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को है। इस दिन भक्तों को बाबा विश्वनाथ के गौरी शंकर स्वरूप के दर्शन होंगे। बाबा के इस रूप को अलौकिक माना गया है। बाबा विश्वनाथ इस स्वरूप में शिव और पार्वती के रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भक्तों के दर्शन से पहले गौरी-शंकर स्वरूप का शृंगार किया जाता है। 

तीसरे सोमवार के दिन बाबा काशी विश्वनाथ का स्वरूप 

सावन महीने का तीसरा सोमवार 17 अगस्त 2026 को है। इस दिन बाबा का अर्धनारीश्वर के स्वरूप में शृंगार किया जाएगा। यह स्वरूप शिव-पार्वती के एकाकार रूप और ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक भी माना जाता है। बाबा के इस स्वरूप का दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।  

चौथे सोमवार के दिन बाबा काशी विश्वनाथ का स्वरूप 

सावन महीने का आखिरी और चौथा सोमवार 24 अगस्त के दिन है। इस दिन बाबा विश्वनाथ का शृंगार 5 लाख रुद्राक्ष के दानों से किया जाएगा। इस स्वरूप को इसीलिए रुद्राक्ष स्वरूप कहा जाएगा। आपको बता दें कि इन रुद्राक्ष के दानों को बाद में भक्तों में प्रसाद रूप में भी वितरित किया जाता है। 

सावन पूर्णिमा पर दिव्य दर्शन 

सावन माह की पूर्णिमा तिथि 27-28 अगस्त को है। इस दिन बाबा विश्वनाथ अपने दिव्य दर्शन देंगे। बाबा के लिए झूले का शृंगार किया जाएगा और बाबा अपने पूरे परिवार के साथ भक्तों को दर्शन देंगे। 

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