20 अगस्त 2026 को शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश करने वाले हैं और 9 अक्टूबर को इसी स्थिति में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना गया है। जब भी शनि नक्षत्र परिवर्तन करते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ता है। ज्योतिषों के अनुसार, इस नक्षत्र परिवर्तन के प्रभाव से इन 3 विशेष राशियों के जातकों को आर्थिक रूप से चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं कि शनि का नक्षत्र गोचर किन राशियों के लिए शुभ नहीं रहेगा।
मेष राशि
शनि का रेवती नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि वालों के लिए चुनौतियों से भरा रह सकता है। नौकरी पेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ सकता है। आय में रुकावटें आ सकती हैं। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से विवाद से बचें और पैसों का प्रबंधन सोच-समझकर करें। मेहनत के बाद भी आपको मन के मुताबिक परिणाम नहीं मिलेगा। इस समय आर्थिक मामले में थोड़ा सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक बड़े खर्चे सामने आ सकते हैं। पैसों के मामले में सोच समझकर कोई भी फैसला लें।
कर्क राशि
शनि का नक्षत्र गोचर कर राशि वालों के लिए शुभ परिणाम लेकर नहीं आएगा। इनके लिए यह समय थोड़ा मुश्किलों से भरा रहेगा। व्यापार में भी उम्मीद से कम लाभ होने की आशंका है। पैसों के मामले में बिल्कुल भी जल्दबाजी न करें सोच-समझकर ही कोई फैसला लें। किसी भी तरह के निवेश करने से बचे। इस समय परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य और बजट का विशेष रूप से ध्यान रखें। इस दौरान फिजूलखर्च बढ़ सकते हैं।
वृश्चिक राशि
शनि का नक्षत्र परिवर्तन वृश्चिक राशि के जातकों की मुश्किलों को बढ़ाएगा। इस समय मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी बड़े फैसले को फिलहाल टालना ही बेहतर रहेगा। आपके बनते हुए कामों में रुकावटें आ सकती हैं। अचानक धन हानि के योग बन रहे हैं इसलिए निवेश करने, नया कर्ज लेने या किसी को उधार पैसा देने से बचें। पैसों के मामले में बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है।
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
- शनि देव के मंत्रों का जाप करें। मंत्र है- 'ॐ शं शनैश्चराय नमः'।
- शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीया जलाएं।
- शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें।
- शनिवार के दिन काले कपड़े, जूते, छाता या अन्न का दान करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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