इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने आखिरकार उस नाइटक्लब विवाद पर चुप्पी तोड़ दी, जिसने न सिर्फ उन्हें दूसरे टेस्ट मैच से बाहर होना पड़ा बल्कि टीम के माहौल पर भी असर डाला। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर रहने के बाद स्टोक्स ने माना कि कप्तान के तौर पर वापसी करते ही उनका पहला काम अपने साथियों से माफी मांगना था।
लॉर्ड्स टेस्ट के बाद टीम कर्फ्यू का उल्लंघन करने के कारण बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था। स्टोक्स की गैरमौजूदगी में जो रूट ने कप्तानी संभाली, लेकिन द ओवल में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड को 253 रन की भारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ न्यूजीलैंड ने सीरीज 1-1 से बराबर कर ली।
विवाद का असर पूरी टीम पर पड़ा
ट्रेंट ब्रिज में होने वाले निर्णायक टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टोक्स ने माना कि उनकी गलती का असर सिर्फ उन पर नहीं, बल्कि पूरी टीम पर पड़ा। स्टोक्स ने कहा कि बिल्कुल। कप्तान के तौर पर मुझे जो सबसे पहले काम करने थे, उनमें से यह एक था। अगर आप हालात को देखें, तो इसका असर सिर्फ उन पर ही नहीं पड़ा। इसने जो रूट, टीम और खेल के माहौल से बाहर के लोगों को भी प्रभावित किया। बेशक, इसका असर उन खिलाड़ियों पर भी पड़ा जो अपना डेब्यू कर रहे थे। यह मौका पूरी तरह से उनके लिए खास होना चाहिए था। अगर वह इस बात को न मानें और इस पर बात न करें, तो यह उनकी बेवकूफी और नादानी होगी।
स्टोक्स ने माना कि कप्तान होने का मतलब सिर्फ जीत के समय टीम का नेतृत्व करना नहीं, बल्कि मुश्किल समय में जिम्मेदारी लेना भी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी प्रभावित लोगों से आमने-सामने बात कर माफी मांगी। स्टोक्स ने कहा कि जब सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा हो, तो सब अच्छा लगता है, लेकिन आपको चीजों की ज़िम्मेदारी लेनी पड़ती है। आपको इतना बड़ा और हिम्मत वाला बनना होगा कि आप उस जिम्मेदारी को अपने कंधों पर उठा सकें, और जिन लोगों पर इसका असर पड़ा है, उनकी आंखों में आंखें डालकर उस तरह माफी मांग सकें, जैसे मांगनी चाहिए। उन्होंने भी यही किया।
अब ट्रेंट ब्रिज टेस्ट पर है पूरा फोकस
इंग्लैंड के कप्तान ने बताया कि टीम में लौटने के बाद उन्होंने खिलाड़ियों से खुलकर बातचीत की और यह स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा ध्यान सीरीज के निर्णायक मुकाबले पर है। स्टोक्स ने कहा कि कल टीम के कप्तान के तौर पर उनके लिए सबसे जरूरी बात यह थी कि वह खिलाड़ियों को यह बता सकें कि वह इस टीम के कप्तान के तौर पर पूरी तरह से वापस आ गए हैं। उन्हें जाहिर है कि टीम से कुछ बातें कहनी थीं और कुछ चीजें साफ करनी थीं और यह बात सिर्फ टीम के लिए थी और उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी बात सभी के सामने बहुत अच्छे से रखी।
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