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400 रनों की मैराथन पारी खेलने के बाद चिन्मय सुतार हुए इमोशनल, बोले- मैंने सबसे पहले अपने पिता को फोन किया

रणजी ट्रॉफी में 77 साल पुराना इतिहास दोहराते हुए मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने शानदार चौहरा शतक जड़ा। 1949 के बाद ऐसा कारनामा करने वाले वह दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने हैं।

Chinmay Suthar- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM@CHINMAYSUTAR_ चिन्मय सुथार

मिजोरम के 29 साल के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नगालैंड के खिलाफ दीमापुर में खेलते हुए नाबाद 400 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और 7 छक्के लगाए। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में यह किसी भी बल्लेबाज का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है, और उन्होंने पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही, चिन्मय फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 400 रन का आंकड़ा छूने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं, उनसे पहले 1948 में महाराष्ट्र के बाबासाहेब निंबालकर ने नाबाद 443 रन बनाए थे। इस पारी को खेलने के बाद सुतार ने एक बड़ा बयान दिया है।

चिन्मय सुतार ने 400 रनों की पारी खेलने के बाद दिया बड़ा बयान

400 रन बनाने के बाद चिन्मय सुतार ने कहा कि यह उनके लिए किसी सपने जैसा और बेहद शानदार अहसास था। उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता की सबसे पहली खुशी अपने पिता राजेश के साथ फोन पर शेयर की। न्यूज एजेंसी PTI के हवाले से चिन्मय ने बताया कि मुश्किल दिनों में जब उन्हें खेलने का मौका नहीं मिलता था, तब उनके पिता हमेशा उनके साथ खड़े रहे और उन्हें मजबूत रहने की सलाह दी। इसलिए अपने जीवन के इस सबसे बड़े पल में उन्होंने सबसे पहले अपने पिता से ही बात करना सही समझा।

सुतार ने 10वें विकेट के लिए लालरेम्पुइया के साथ की अहम साझेदारी

चिन्मय सुतार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि में लालरेम्पुइया छकछुआक का भी बहुत बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने 76 गेंदों पर नाबाद 14 रन बनाए और दसवें विकेट के लिए सुतार के साथ 189 रन की शानदार अटूट साझेदारी की। सोमवार को सोविमा में नगालैंड के खिलाफ प्लेट ग्रुप मैच में सुतार ने अपनी पारी 181 रन से आगे बढ़ाई और 517 गेंदों में 46 चौकों और 7 छक्कों की मदद से नाबाद 400 रन बनाए, जिसके बाद मिजोरम ने 9 विकेट पर 581 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अभी भी बाबासाहेब निंबालकर (नाबाद 443 रन) के नाम है, और अब 400 रन बनाकर चिनमय सुतार दूसरे नंबर पर आ गए हैं, जबकि पृथ्वी शॉ (379 रन) तीसरे और संजय मांजरेकर (377 रन) चौथे स्थान पर हैं।

विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की टीम का हिस्सा थे चिन्मय

चिन्मय सुतार ने अपने करियर का सिर्फ दूसरे फर्स्ट क्लास मैच में ये ऐतिहासिक पारी खेली है। वे 2026-27 सीजन से पहले मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से एनओसी (NOC) लेकर मिजोरम की टीम से जुड़े थे। मिजोरम के लिए रणजी ट्रॉफी डेब्यू मैच में मणिपुर के खिलाफ उन्होंने पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 99 रन बनाए थे, हालांकि उनकी टीम वह मैच 3 विकेट से हार गई थी। इसके अलावा, इस साल उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी मुंबई की टीम का हिस्सा थे और जून में मुंबई टी20 लीग में मराठा रॉयल्स को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई, जहां उन्होंने छह पारियों में करीब 120 के स्ट्राइक रेट से 212 रन बनाए और लगातार दो अर्धशतक जड़े।

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