भारतीय टीम इन दिनों ऑल फॉर्मेट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर है। भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है, जिसमें पहले पांच टी20I, पांच वनडे और 2 टेस्ट मैच खेले जाएंगे। इस सीरीज से पहले टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड को लेकर बड़ा बयान दिया है। रवि शास्त्री का कहना है कि जसप्रीत बुमराह को क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट नहीं खेलने चाहिए, क्योंकि लगातार मैच खेलने से उन पर वर्कलोड बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
बुमराह को वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट में नहीं खेलना चाहिए- रवि शास्त्री
टीम इंडिया का शेड्यूल इतना व्यस्त है कि 40 दिन के न्यूजीलैंड दौरे पर टीम को 20 दिन मैदान पर उतरना है। शास्त्री का मानना है कि बुमराह के लिए हर मैच खेलना मुमकिन नहीं है और उन्हें अपनी फिटनेस और करियर को लंबा करने के लिए किसी एक या दो फॉर्मेट से आराम करना चाहिए। सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के हवाले से रवि शास्त्री ने कहा है कि मुझे नहीं लगता कि उसे वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट खेलने चाहिए। उसे मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट पर फोकस करना चाहिए और ODI और T20I में कभी-कभी खेलना चाहिए। मैं उसे न्यूजीलैंड में होने वाले दो टेस्ट के लिए बचाकर रखना चाहूंगा, जहां वह इंपॉर्टेंट होगा।
न्यूजीलैंड दौरा भारत के लिए बेहद अहम- रवि शास्त्री
रवि शास्त्री का मानना है कि न्यूजीलैंड का यह छह हफ्तों का दौरा भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अहम है। खासकर 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से ये दौरा दोनों टीमों के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। इससे यह साफ पता चल जाएगा कि भारतीय क्रिकेट किस दिशा में जा रहा है। वहां के हालात कुछ-कुछ वैसे ही हो सकते हैं जैसे भारत को वर्ल्ड कप के दौरान साउथ अफ्रीका में मिल सकते हैं। ऐसे में भारतीय टीम के पास तैयारी करने का बेहतरीन मौका होगा।
रवि शास्त्री ने की भुवनेश्वर कुमार की तारीफ
इसके अलावा, शास्त्री ने भुवनेश्वर कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर टी20 टीम में वापसी की है, और अगर वह ऐसा ही खेलते रहे, तो टेस्ट और वनडे टीम में भी दोबारा जगह बना सकते हैं। रवि शास्त्री का कहना है कि अनुभव का कोई मुकाबला नहीं है। भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी और शानदार गेंदबाज का टीम में होना बहुत बड़ी बात है। वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए बिल्कुल सही विकल्प हैं। उन्होंने लाल और सफेद दोनों गेंदों से ऐसा शानदार प्रदर्शन किया है कि उन्हें टेस्ट और वनडे टीम में दोबारा बुलाया जाना चाहिए।
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