बंगाल के अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन 31 साल के हो चुके हैं। पिछले कई सालों से वे घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं और उन्होंने ढेरों रन बनाए हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी तक उन्हें भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है। हालांकि, इतने लंबे इंतजार के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी है और उनका कहना है कि भारत के लिए खेलने का उनका सपना आज भी पूरी तरह जिंदा है। ईश्वरन को कई बार भारत की टेस्ट टीम में जगह मिली है, लेकिन कभी भी वो प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं रहे हैं।
118 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं अभिमन्यु ईश्वरन
अभिमन्यु ईश्वरन अपने करियर का 118वां फर्स्ट-क्लास मैच खेल रहे हैं। जुलाई 2018 के बाद से वे इंडिया ए टीम के लिए 32 मैच खेल चुके हैं और टेस्ट टीम में भी चुने गए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है। 31 साल के अभिमन्यु का कहना है कि घरेलू सर्किट पर लगातार रन बनाने की वजह से भारत के लिए खेलने का उनका सपना आज भी पूरी तरह जिंदा है।
मेरा एकमात्र सपना देश के लिए क्रिकेट खेलना है- अभिमन्यु ईश्वरन
रणजी ट्रॉफी के दूसरे राउंड में सर्विसेज के खिलाफ बंगाल की ओर से 56 रन की पारी खेलने के बाद अभिमन्यु ईश्वरन ने अपने दिल की बात खुलकर कही। ESPN क्रिकइंफो के हवाले से उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र सपना देश के लिए क्रिकेट खेलना था, जो आज भी पूरी तरह जिंदा है। टीम से बाहर होने के दर्द और मन में उठने वाले सवालों पर उन्होंने खुलकर कहा कि जब खिलाड़ी को ड्रॉप किया जाता है, तो बुरा लगता है और मन में सवाल आता है कि मुझे दोबारा मौका क्यों नहीं मिला? लेकिन समय के साथ वे इन परिस्थितियों के आदी हो गए हैं, क्योंकि उतार-चढ़ाव जिंदगी का एक अहम हिस्सा हैं और अनुभव के साथ इंसान बहुत कुछ सीख जाता है।
इस सीजन में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतना चाहते हैं ईश्वरन
अभिमन्यु ईश्वरन का मानना है कि एक खिलाड़ी के रूप में उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह होती है कि वे जिस भी टीम के लिए मैदान पर उतरें, उसके लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और टीम की जरूरत के मुताबिक खेलें। फिलहाल वे अपने क्रिकेट और इस सफर का पूरा आनंद ले रहे हैं। अपने भविष्य के लक्ष्यों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा सपना हमेशा से भारत के लिए खेलना रहा है। लेकिन देश के लिए खेलने से पहले वे बंगाल के लिए अपना योगदान देना चाहते हैं, क्योंकि यहीं से उनके क्रिकेट की शुरुआत हुई है। बंगाल की कप्तानी करना और इस टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उनका और उनकी टीम का मुख्य उद्देश्य इस सीजन में रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करना है।
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