चेन्नई। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल ने मंगलवार को खुलासा किया कि 2018 की आईपीएल नीलामी में टीमों द्वारा अनदेखी से वह ‘अपमानित’ महसूस कर रहे थे जिसने उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर काम करने के लिए प्रेरित किया जिससे कि वह प्रभावी आलराउंडर बन सकें। तीस साल के इस क्रिकेटर को 2018 में दिल्ली कैपिटल्स ने 20 लाख रुपये के उनके आधार मूल्य पर खरीदा था लेकिन उन्हें खेलने के अधिक मौके नहीं मिले।
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पटेल ने ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा, ‘‘2018 आईपीएल में काफी लोगों ने रुचि नहीं दिखाई और इससे मैं मायूस हो गया, मैंने इसे अपमान के रूप में लिया क्योंकि मैं ऐसा खिलाड़ी बनना चाहता था जो मैच विजेता हो और उसकी काफी मांग हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद मैंने महसूस किया कि अगर मैं अपनी बल्लेबाजी पर काम करूं और लोग मेरी बल्लेबाजी पर भरोसा करने लगे तो मैं प्रभावी खिलाड़ी बन सकता हूं। मैंने बल्लेबाजी में हमेशा अच्छा किया है लेकिन कभी इस पर अधिक ध्यान नहीं लगाया।’’
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पटेल ने मुंबई इंडियन्स के खिलाफ पिछले शुक्रवार को आईपीएल में पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ डेथ ओवरों में शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट चटकाए जिसकी बदौलत उनकी टीम दो विकेट से जीत दर्ज करने में सफल रही। इस तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्हें आईपीएल में प्रदर्शन से जुड़ी चिंताओं का सामना करना पड़ा क्योंकि एक मैच में खराब प्रदर्शन के बाद आपको टीम से बाहर किया जा सकता है।
मौजूदा सत्र के अब तक हुए कुछ मैचों में ऐसे खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है जिन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अनुभव नहीं है और पटेल का मानना है कि अब टीम प्रबंधन के सोचनेका नजरिया बदला है।
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उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रबंधन पर निर्भर करता है। मुझे लगता है कि अधिकांश टीमों ने देखना शुरू कर दिया है कि गेंदबाज अभ्यास मैचों या अभ्यास के दौरान क्या करता है और वह योजनाओं को कैसे लागू कर रहा है, फिर उसका दर्जा चाहे कुछ भी हो, वे नए खिलाड़ी हों या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी।’’
पटेल दिल्ली कैपिटल्स से बेंगलोर की टीम में आए हैं और कप्तान विराट कोहली ने पहले ही मैच में हरियाणा के इस तेज गेंदबाज को डेथ ओवरों में गेंदबाजी का जिम्मा सौंपा और इस पर खरा उतरकर वह खुश हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह मेरे लिए अच्छा फैसला रहा (दिल्ली कैपिटल्स का उन्हें छोड़ना) क्योंकि मुझे पता था कि दिल्ली कैपिटल्स में कागिसो रबादा और एनरिच नोर्ट्जे के होने से मुझे उतने मौके नहीं मिलेंगे जितने यहां मिलेंगे। ऐसी टीम में होना अच्छा है जहां मैं अपना कौशल दिखा सकता हूं और मुझे मुश्किल हालात में गेंदबाजी का मौका मिलेगा।’’
बेंगलोर की टीम अपने दूसरे मैच में बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी।