A
  1. Hindi News
  2. टेक
  3. न्यूज़
  4. कैस्परस्काई का दावा, कंपनी ने 2025 में भारत में 4.7 करोड़ से ज्यादा साइबर खतरों को रोका

कैस्परस्काई का दावा, कंपनी ने 2025 में भारत में 4.7 करोड़ से ज्यादा साइबर खतरों को रोका

साइबर सुरक्षा फर्म ने कहा कि उसने 2025 में भारतीय यूजर्स को निशाना बनाने वाले 4.7 करोड़ से ज्यादा वेब-आधारित साइबर खतरों को रोका।

Cyber Threat- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK साइबर खतरे

Cybersecurity firm Kaspersky: साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्काई का दावा है कि उसने साल 2025 में भारत में इंटरनेट यूजर्स को 4.7 करोड़ से अधिक वेब आधारित खतरों से बचाया है। कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 24.7 परसेंट इंटरनेट यूजर्स इन खतरों की चपेट में आए। कैस्परस्काई ने बयान में कहा कि भारत में इंटरनेट यूजर्स को औसतन रोजाना लगभग 1,30,209 वेब खतरों का सामना करना पड़ा। कंपनी ने कहा, "भारत में लगभग एक-चौथाई (24.7 प्रतिशत) इंटरनेट यूजर्स को 2025 में वेब आधारित खतरों का सामना करना पड़ा। जनवरी और दिसंबर, 2025 के बीच कैस्परस्काई उत्पादों ने देश भर में यूजर्स के कंप्यूटर पर 4,75,26,422 इंटरनेट आधारित साइबर खतरों का पता लगाया और उन्हें रोका।" 

कैस्परस्काई सिक्योरिटी नेटवर्क (केएसएन) के आंकड़ों के मुताबिक वेब आधारित खतरों से प्रभावित यूजर्स के मामले में वैश्विक स्तर पर भारत 62वें स्थान पर रहा। आंकड़ों से पता चलता है कि ब्राउजर और उनके 'प्लग-इन्स' की खामियों का फायदा उठाकर किए जाने वाले हमले ऑनलाइन खतरों का प्राथमिक तरीका बने हुए हैं। 

कैस्परस्काई ने कहा कि "फाइल रहित मैलवेयर 2025 में भारत में इंटरनेट यूजर्स को टार्गेट करने वाले सबसे खतरनाक हमलों में शामिल रहा, क्योंकि यह कंप्यूटर की मेमोरी में काम करता है और संक्रमित सिस्टम पर बहुत कम निशान छोड़ता है।" वैश्विक स्तर पर 2025 में दुर्भावनापूर्ण ईमेल हमलों में 15 परसेंट की बढ़त देखी। कैस्परस्काई के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में लगभग हर दूसरा ईमेल 'स्पैम' था, जिसमें अनचाहे संदेशों के साथ ही स्कैम ईमेल, फिशिंग और मैलवेयर शामिल थे। 

भारत में कई तरीकों से यूजर्स को साइबर आधारित खतरों की जद में लाने की कोशिशें की जाती हैं और इनसे बचाव के लिए यहां कुछ आधारभूत उपाय बताए जा रहे हैं-

साइबर खतरों से बचाव के उपाय 

जागरूक बने रहें- किसी भी अनजान लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें।

मजबूत पासवर्ड और 2FA- हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग करें।

सुरक्षित पेमेंट- केवल भरोसेमंद साइटों पर ही अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करें।

रिपोर्टिंग- किसी भी तरह के साइबर अपराध की रिपोर्ट 1930 पर या नियमों के अनुसार राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर करें।

सॉफ्टवेयर अपडेट-अपने मोबाइल और कंप्यूटर में एंटीवायरस इंस्टॉल रखें और सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट करें। 

ये भी पढ़ें 

सैमसंग के पेटेंट से मिला इसके नए क्लैमशेल स्टाइल फोल्डेबल फोन का हिंट, डिजाइन में भी होंगी नई खूबियां