बांदा में मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की एक पुराने जेल प्रकरण से जुड़े मामले में अदालत में पेशी हुई। मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी अपनी पत्नी निखत बानो के साथ भ्रष्टाचार निवारण अदालत पहुंचे। सुनवाई के दौरान अब्बास ने अपनी जान को खतरा बताया और कोर्ट में पेशी से छूट दिए जाने की मांग वाली अर्जी दाखिल की।
अब्बास ने मीडिया से नहीं की बात
कोर्ट परिसर में पहुंचने और बाहर निकलने के दौरान अब्बास अंसारी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। सुनवाई के बाद वह वापस मऊ के लिए रवाना हो गए। यह मामला फरवरी 2023 में चित्रकूट की रगौली जेल में सामने आए घटनाक्रम से जुड़ा है। उस समय जेल में बंद अब्बास अंसारी की उनकी पत्नी निखत बानो से अवैध तरीके से मुलाकात का मामला सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने निखत बानो, उनके ड्राइवर नियाज अंसारी, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक सागर, डिप्टी जेलर और जेल के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। बाद में इस मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। इसी प्रकरण में अदालत में आरोप तय किए जाने की कार्यवाही होनी थी। हालांकि, सभी आरोपियों के अदालत में मौजूद नहीं होने के कारण गुरुवार को आरोप तय नहीं हो सके। अदालत ने अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
जेल में मुलाकात को लेकर क्या सामने आया था?
चित्रकूट जेल प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया था कि अब्बास अंसारी और निखत बानो की जेल में मुलाकात नियमों के विपरीत कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान जेल अधिकारियों और मामले से जुड़े लोगों के पास से करीब 6 लाख रुपये नकद, एक कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। पुलिस का आरोप था कि जेल में मुलाकात की व्यवस्था के लिए पैसों का इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर जेल अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की गई थी। मामला आगे चलकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई तक पहुंचा।
(रिपोर्ट: पंकज द्विवेदी)
यह भी पढ़ें:
'मैं मुख्तार अंसारी का बेटा हूं, मेरी रगों में है उनका लहू', गाजीपुर में बोले विधायक अब्बास अंसारी
VIDEO: पुलिस की छापेमारी के बाद सपा कार्यालय पहुंचे अब्बास अंसारी, 4 घंटे चली बैठक, कहा- 'सुई में डाल रहा था धागा'