लखनऊ: यूपी के लखनऊ में बीजेपी को MLC चुनाव में बड़ा झटका हुआ है। MLC स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह ने बाजी मारी है और 17 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है। उन्होंने बीजेपी को हराया है।
विधान परिषद की प्रतिष्ठित लखनऊ स्नातक सीट पर सपा प्रत्याशी कांति सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार अवनीश कुमार को हराकर जीत दर्ज की है। घोषित नतीजों के मुताबिक कांति सिंह को 56,905 वोट, जबकि बीजेपी के अवनीश कुमार को 39,778 वोट मिले।
हालांकि लखनऊ की शिक्षक सीट बीजेपी इस बार भी जीती है लेकिन स्नातक सीट ने बीजेपी को लखनऊ में ही झटका दिया है।
सपा ने कांति सिंह को दी बधाई
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कांति सिंह की जीत को कंफर्म करते हुए उन्हें बधाई दी है। सपा ने कहा, "लखनऊ खंड स्नातक MLC चुनाव में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी कांति सिंह जी को जीत की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।"
अखिलेश ने सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई दी
सपा ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा, "समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधान परिषद के शिक्षक खंड एवं स्नातक खंड चुनाव में जीत पर समाजवादी पार्टी के विजयी प्रत्याशियों, पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बहुत-बहुत बधाई दी। यादव ने कहा कि जीत के साथ ध्यान रहे कि शांति से इसे सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाना है। कोई हो-हल्ला या जुलूस नहीं निकालना है, जिससे भाजपाई हमारे बीच घुसकर माहौल को बिगाड़ न पाएं और हम पर हुड़दंग करने का आरोप न लगा पाएं। हमें हर तरह के षड्यंत्र और झूठे आरोपों से बचना है, क्योंकि सामने विधानसभा चुनाव है। भाजपा गुंडागर्दी की साजिश करके कभी भी हमारी छवि बिगाड़ सकती है।"
अखिलेश यादव ने कहा, "हम सभी लोगों का अभिनंदन स्वयं करेंगे और हो सका तो आपके क्षेत्र में आकर करेंगे। इस बीच आप सभी जीते हुए एमएलसी, उन लोगों की लिस्ट बना लीजिए, जिन्होंने इस जीत में आपका समर्थन-सहयोग करके आपको जिताया है। हम ऐसे सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शुभचिंतकों का भी सम्मान करेंगे।"
अखिलेश ने कहा, "चुनाव में गुण्डागर्दी, बेईमानी, चोरी और धांधली भाजपा की पहचान बन चुकी है। इसके बगैर भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती क्योंकि जनता पूरी तरह से भाजपा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट भाजपाई और उनके षड्यंत्रकारी संगी-साथी व संलिप्त अधिकारी एमएलसी चुनाव जीतने के लिए जिस हद तक गिर सकते थे गिर गए हैं। डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साजिश सबके सामने खुल गई है। डॉ. संजयन त्रिपाठी को मतगणना में घपला करके हराने का कारण सिर्फ ये नहीं है कि वो सपा के उम्मीदवार हैं बल्कि इसके पीछे ‘हाता नहीं भाता’ मुख्य कारण है।"
इससे पहले खबर सामने आई थी कि वाराणसी में MLC की दोनों सीटों पर हुई कांटे की टक्कर, जिसमें समाजवादी पार्टी को जीत मिली है।
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