बजट पर CM योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर PM मोदी को धन्यवाद दिया, बताया यूपी को क्या-क्या मिला?
बजट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे देश का विजनरी बजट बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा नेशन फर्स्ट के भाव के साथ काम किया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि यह देश का विजनरी बजट है। उन्होंने बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। सीएम योगी ने कहा कि भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए अग्रसर है। पीएम मोदी ने हमेशा नेशन फर्स्ट के भाव के साथ काम किया है।
"पहला बजट जो कर्तव्य भवन से बनकर आया"
सीएम योगी ने कहा, "पिछले 11 वर्ष में हमने देखा कि प्रधानमंत्री जी का हर भारतवासी के प्रति सदैव यही आग्रह रहा कि हमको नेशन फर्स्ट भाव के साथ काम करना चाहिए, इसमें अपने कर्तव्यों की भी बात करनी चाहिए। जब 2015 में प्रधानमंत्री जी ने 26 नवंबर की तिथि को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया था, तो उन्होंने देश भर में इस चर्चा का आव्हान किया था कि हम मौलिक अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन अपने मूल कर्तव्यों की चर्चा नहीं करते, विधायिका के साथ-साथ अन्य मंचों पर हर नागरिक के कर्तव्य क्या हैं राष्ट्र और समाज के प्रति। यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन से बनकर सामने आया है, हर भारतीय को अपने कर्तव्य का एहसास कराने के लिए आग्रह कर रहा है।"
नई संभावनाओं के द्वार खुले: सीएम योगी
उन्होंने कहा, "बजट में जो चीज हमें देखने को मिली है कि रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन यह बहुत स्पष्ट रूप से हमें देखने को मिला है। बजट में किसान, युवा, महिला और गरीब इन सभी को ध्यान में रखा गया है। इस बजट के माध्यम से देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य की आकांक्षाओं की पूर्ति भी होती है, उसके लिए नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं।"
"सबसे बड़ा एमएसएमई बेस यूपी के पास"
सीएम ने कहा, "10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई सेक्टर के लिए बजट का प्रावधान है। उत्तर प्रदेश देश के अंदर इसे लीड करता है। देश का सबसे बड़ा एमएसएमई बेस यूपी के पास है। 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी के पास है।" उन्होंने कहा, "7 रेलवे के नए कॉरिडोर जिनमें दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलिगुड़ी ये दो नए यूपी को प्राप्त हुए हैं। 20 वाटर-वे जिनमें यूपी के अंदर देश का पहला वाटर वे वाराणसी से हल्दिया के बीच प्रारंभ हो चुका है।"
बजट में यूपी के लिए क्या-क्या?
- उत्तर प्रदेश देश में एमएसएमई में अग्रणी है, इसलिए यह आवंटन राज्य के एमएसएमई को मजबूत करेगा और विकास को बढ़ावा देगा।
- यूपी का केंद्रीय बजट में हिस्सा लगभग 34,000 करोड़ रुपये बढ़कर करीब 4.26 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जिसमें केंद्रीय कर देवोल्यूशन और ग्रांट्स शामिल हैं।
- वाराणसी-दिल्ली और वाराणसी-सिलिगुड़ी समेत दो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव है, जो वाराणसी को सीधा लाभ पहुंचाएंगे और राज्य की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे।
- वाराणसी में शिप मैन्युफैक्चरिंग और रिपेयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे, साथ ही गंगा पर कार्गो मूवमेंट के लिए नया इनलैंड वाटरवेज शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित होगा, जो स्थानीय रोजगार बढ़ाएगा।
- नोएडा के जेवर एयरपोर्ट के पास देश का पहला सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग पार्क मंजूर हुआ है, जो यूपी को टेक हब बनाने में मदद करेगा।
- वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक और हेरिटेज स्थलों के लिए सीप्लेन ऑपरेशंस के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) स्कीम, जो पर्यटन को बढ़ावा देगी।
- लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो के अगले फेज के लिए 32,075 करोड़ रुपये का आवंटन, जो शहरी मोबिलिटी को मजबूत करेगा।
- टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये प्रति रीजन का प्रावधान, जिसमें मंदिर शहर और हेरिटेज सेंटर शामिल हैं। वाराणसी जैसे शहरों को इससे फायदा होगा।
- हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण और टेम्पल सिटीज का विकास, जो यूपी के युवाओं और पर्यटन को लाभ पहुंचाएगा।
- जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर की क्षमता 50% बढ़ाई जाएगी, जो यूपी जैसे बड़े राज्य में मेडिकल इमरजेंसी को हैंडल करने में मदद करेगी।
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