UP Elections 2027: NDA के लिए क्यों जरूरी है RLD, क्या है जयंत चौधरी का विजन; देखें Exclusive Interview
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक समीकरण अभी भी बनाए जाने लगे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आरएलडी की अच्छी पकड़ है। एनडीए के लिए आरएलडी का साथ बेहद अहम है। ऐसे में जयंत चौधरी का क्या वजन है और आरएलडी की इस चुनाव में क्या रणनीति होगी। आइये जानते हैं।

भारत की राजनीति में, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को अक्सर लोकसभा चुनावों से पहले का 'सेमीफाइनल' कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि उत्तर प्रदेश से लोकसभा में 80 और राज्यसभा में 31 सांसद चुनकर आते हैं। यहां भारत की सबसे बड़ी विधानसभा है, जिसमें 403 सदस्य हैं। इसलिए, भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन, दोनों के लिए ही इसमें बहुत कुछ दांव पर लगा होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में BJP के नेतृत्व वाला NDA लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है। वहीं अखिलेश यादव की सपा एक दशक बाद सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। समाजवादी पार्टी को 2024 के संसदीय चुनावों में 37 सीटें जीतने के बाद से काफी हौसला मिला है।
NDA और SP-कांग्रेस गठबंधन, दोनों के लिए ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट वोट एक अहम फैक्टर हो सकता है। जाट उत्तर प्रदेश की कुल आबादी का लगभग 2 प्रतिशत हैं और इनमें से करीब 99 प्रतिशत राज्य के पश्चिमी हिस्से में रहते हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वे 35 से 40 विधानसभा सीटों पर चुनावी नतीजों को आसानी से प्रभावित कर सकते हैं। यहीं पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोक दल (RLD) अहम हो जाती है। चूंकि इस पार्टी की जड़ें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हैं, इसलिए RLD इस चुनाव में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है। आरएलडी उत्तर प्रदेश में 2027 की चुनावी लड़ाई से पहले NDA के लिए एक अहम खिलाड़ी बनकर उभर सकती है।
RLD का फोकस: NDA के लिए दो-तिहाई बहुमत पक्का करना
RLD ने उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति के बारे में इंडिया टीवी डिजिटल के आलोक सेन शर्मा के साथ बात करते हुए, RLD की राष्ट्रीय प्रवक्ता निशा चौधरी ने कहा कि पार्टी यह पक्का करना चाहती है कि NDA लगातार तीसरी बार दो-तिहाई बहुमत के साथ यूपी की सत्ता में आए। इंडिया टीवी डिजिटल के लिए टेलीफोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि RLD यह पक्का करना चाहती है कि सरकार की योजनाओं का फायदा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। जब उनसे पूछा गया कि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहेगी, तो निशा चौधरी ने कहा कि RLD अभी अपनी मांग के लिए कोई संख्या तय करने पर ध्यान नहीं दे रही है। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि RLD की प्राथमिकता सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में NDA के प्रदर्शन को बेहतर बनाना है।
निशा चौधरी ने इंडिया टीवी डिजिटल से कहा, "जब भी सीट-शेयरिंग पर बातचीत होगी, तो जिम्मेदारियों का सही बंटवारा किया जाएगा। गठबंधन में कई पार्टियां हैं और सभी को सम्मान दिया जाएगा। सीट-शेयरिंग भी उसी हिसाब से तय की जाएगी।" RLD नेता ने कहा, "हमारा सबसे बड़ा फोकस इस बात पर है कि हम कैसे पक्का करें कि सरकार फिर से बने और हम लोगों की सेवा करना जारी रख सकें।" बता दें कि RLD ने 2022 के UP विधानसभा चुनावों में 33 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
'जनता अखिलेश को जवाब देगी'
निशा चौधरी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा जयंत चौधरी पर की गई 'चवन्नी' वाली टिप्पणी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता 2027 के चुनावों में ऐसे व्यक्तिगत हमलों का जवाब देगी। दरअसल, पिछले महीने अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए जयंत पर निशाना साधा था और कहा था कि SP ने एक 'चवन्नी' (25 पैसे) को 'रुपया' (1 रुपया) बना दिया। बता दें कि SP-RLD ने 2022 का UP चुनाव साथ मिलकर लड़ा था और जयंत को अखिलेश की पार्टी के समर्थन से राज्यसभा भेजा गया था। हालांकि, SP के साथ मतभेदों के कारण 2024 के आम चुनावों से ठीक पहले जयंत की RLD, NDA में शामिल हो गई।
निशा चौधरी ने कहा कि अखिलेश के पिता, मुलायम सिंह यादव ने चौधरी चरण सिंह से राजनीति की कला सीखी थी, और यह बात सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि RLD ने इस बात को लेकर कभी भी SP प्रमुख पर हमला नहीं किया "क्योंकि हर कोई किसी न किसी से सीखता है और हम सभी एक-दूसरे से सीखते हैं"। उन्होंने इंडिया टीवी डिजिटल से कहा, "हमारे नेता, चौधरी जयंत सिंह, ऐसे बयान देने वाले व्यक्ति नहीं हैं। अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता जो भी व्यक्तिगत हमले करते हैं, जनता 2027 में उनका जवाब देगी।" उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के व्यक्तिगत हमले उचित नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "अगर हम सिर्फ चार वोट पाने के लिए किसी समाज का मजाक उड़ाते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि हमें वे चार वोट मिलेंगे; बल्कि, हम समर्थन खो सकते हैं। अगर आप समाज की आलोचना कर रहे हैं या किसी खास वर्ग को पिछड़ा कह रहे हैं, तो ये ऐसी बातें नहीं हैं जो हमारे आचरण या हमारे मूल्यों को दर्शाती हों, और न ही ये हमारी पार्टी की विचारधारा के अनुकूल हैं। हमारा मानना है कि जनता ऐसी राजनीति का जवाब देगी।"
किसान, युवा और महिलाओं पर RLD का फोकस
निशा चौधरी ने कहा कि 2027 के UP चुनावों के लिए RLD की रणनीति किसानों, युवाओं और महिलाओं तक पहुंचना और यह पक्का करना है कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के विचार और विजन घर-घर तक पहुंचें। उन्होंने इंडिया टीवी डिजिटल को बताया कि पार्टी जाति या धर्म पर आधारित राजनीति में विश्वास नहीं करती है और वह चौधरी चरण सिंह की उसी विचारधारा को आगे बढ़ाना चाहती है और "जीतें या हारें, सबको साथ लेकर चलना चाहती है"। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज में सामाजिक सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि RLD किसानों पर आधारित पार्टी है और इसलिए, वह उनकी आय बढ़ाने के लिए काम करना चाहती है।
निशा चौधरी ने कहा, "आज खेती के लिए उपलब्ध जमीन कम हो रही है, जिससे परिवार का गुजारा करने के लिए पर्याप्त पैदावार करना मुश्किल हो गया है। इसलिए, हमें उपलब्ध जमीन से ज़्यादा पैदावार करने की जरूरत है। यह तकनीक के ज़रिए किया जा सकता है।" उन्होंने आगे कहा, "चूंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हमारी पार्टी की मजबूत मौजूदगी है, इसलिए वहां गन्ने का काफी उत्पादन होता है। गन्ने से खांडसारी, गुड़ और चीनी जैसे उत्पाद बनाए जा सकते हैं। सिर्फ गन्ना बेचने के बजाय, हमें आधुनिक और ऑर्गेनिक तरीकों से इसकी प्रोसेसिंग करने, उत्पाद की वैल्यू बढ़ाने और बेहतर स्वास्थ्य व आर्थिक फायदे सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए। इससे किसानों की आय बढ़ सकती है और रोजगार भी पैदा हो सकता है।"
कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, गन्ने का पेमेंट और भी बहुत कुछ
निशा चौधरी ने इंडिया टीवी डिजिटल को बताया कि RLD यह पक्का करना चाहती है कि गांवों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो, क्योंकि इससे किसानों को सीधे फायदा होगा। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में गन्ने का पेमेंट एक बड़ी समस्या थी, लेकिन मौजूदा सरकार के समय में यह समस्या हल हो गई है। उन्होंने कहा, "पहले गन्ने का पेमेंट लंबे समय तक रुका रहता था। अब, लगभग 95 प्रतिशत गन्ने का पेमेंट हो चुका है। (2017 से) गन्ने के पेमेंट के तौर पर लगभग 3.22 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं।"
उन्होंने यह भी बताया कि जयंत चौधरी ने स्टेडियम और खेल सुविधाओं समेत मौजूदा स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए अपने राज्यसभा सांसद फंड का 100 प्रतिशत इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि हरियाणा और देश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे कामों के लिए फंड दिया गया है। उन्होंने कहा, "उनका फोकस इस बात पर है कि युवा खेलें और खेलों के जरिए अपना करियर भी बनाएं। जैसा कि हम कहते हैं, 'खेलेगा इंडिया, तो बढ़ेगा इंडिया'।"
उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "हम युवाओं को टेक्नोलॉजी के जरिए खेती से भी जोड़ना चाहते हैं। आज, AI, ड्रोन और दूसरी टेक्नोलॉजी किसानों को यह तय करने में मदद कर सकती हैं कि कौन से बीज इस्तेमाल किए जाएं और खेती के तरीकों को बेहतर बनाया जाए। ऐसी टेक्नोलॉजी से एक ही ज़मीन से साल में कई फ़सलें लेना मुमकिन है।" साथ ही, उन्होंने आने वाले चुनावों में NDA को दो-तिहाई बहुमत दिलाने में मदद करने के RLD के मकसद को भी दोहराया। बता दें कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल फ़रवरी या मार्च में होने की संभावना है।
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