यूपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है, यूपी में राज्यसभा की दस सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव होना है, जिसके लिए आज से पर्चे मिलने शुरू होंगे। हर उम्मीदवार चार चार सेट नॉमिनेशन पेपर दाख़िल कर सकता है। हर सेट में दस-दस विधायकों के साइन होते हैं। इसलिए समाजवादी पार्टी ने सभी विधायकों को लखनऊ में रुकने को कहा है, तो इधर बीजेपी ने भी अपनी कोर कमेटी की बैठक की है और इस बैठक के बाद अब जल्द ही उम्मीदवारों के नाम सामने आ सकते हैं।
एनडीए और सपा दोनों के लिए आसान नहीं जीत
बता दें कि यूपी की 403 विधान सभा सीटों में 6 सीटें खाली हैं, ऐसे में विधान सभा में 397 विधायक हैं। 16 अक्टूबर को हो रहे राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 37 वोट चाहिए और एनडीए के पास 294 विधायक हैं, जिससे उसकी सात सीटों पर आसानी से जीत मिल सकती है तो वहीं आठवीं सीट के लिए दो वोट कम पड़ेंगे, तो इसके लिए पेंच फंस सकता है। वहीं समाजावादी पार्टी की बात करें तो सपा के पास कांग्रेस को मिलाकर 103 विधायक हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी को दो सीट जीतने के लिए 74 वोट चाहिए। ऐसे में ये दो सीटों पर तो जीत मिल सकती है, लेकिन तीसरी सीट के लिए अधिक वोट की जरूरत पड़ेगी, तो तीसरी सीट के लिए पेंच फंस सकता है।
यूपी में चुनाव को लेकर सियासत तेज
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है और राज्यसभा चुनाव के लिए आज से पर्चे मिलने शुरू होंगे। जैसे जैसे चुनाव का समय नजदीक आएगा, सियासी हलचल तेज होगी और सीटों के लिए खींचतान के साथ आखिरी फैसले पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। राज्यसभा के चुनाव के बाद सियासत का रुख अब विधानसभा चुनाव की तरफ मुड़ जाएगा, जिसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी तैयारी तेज कर दी है। सियासी बयानबाजी भी जारी है और सीटों को गठजोड़ की कवायद भी देखने को मिल रही है।
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