दिल्ली से स्मैक लाकर गाजियाबाद के इलाकों में नशे का कारोबार चलाया जा रहा था। पुलिस की नजरों से बचने के लिए गिरोह के सदस्य लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर नशे के आदी लोगों तक खेप पहुंचा रहे थे। शालीमार गार्डन पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह की कथित सरगना समीना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपये कीमत की स्मैक, नकदी और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 969 ग्राम स्मैक मिली है, जिसे 860 पुड़ियों में भी रखा गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने स्मैक बेचकर जुटाए गए 1 लाख 74 हजार 990 रुपये नकद, पीली धातु की तीन अंगूठियां और अलग-अलग कंपनियों के चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
समीना गिरोह की सरगना
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शालीमार गार्डन निवासी आर्यन (20) और ईमामुद्दीन (19), दिल्ली के सीमापुरी निवासी इमरान (25) और दिल्ली की समीना (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने समीना को गिरोह की सरगना बताया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह दिल्ली से चोरी-छिपे स्मैक खरीदकर लाती थी और फिर गिरोह के दूसरे सदस्यों के जरिए गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में इसकी सप्लाई कराती थी।
पूछताछ में आरोपियों ने नशे की खेप बेचने का तरीका भी बताया। गिरोह के सदस्य स्मैक को सफेद रंग की छोटी-छोटी पॉलिथीन में भरकर पुड़िया तैयार करते थे। इसके बाद इन पुड़ियों को नशा करने वाले लोगों को 300 से 400 रुपये में बेचा जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने स्मैक की बिक्री से हुई कमाई से तीन अंगूठियां खरीदने की बात भी स्वीकार की है।
पुलिस से बचने के लिए गिरोह के सदस्य अपने रहने का ठिकाना भी लगातार बदलते रहते थे। जांच में पता चला कि जिस फ्लैट में आरोपी रह रहे थे, उसे भी करीब एक महीने पहले ही किराये पर लिया गया था। इस तरह किराये के मकान और फ्लैट बदलकर वे अपनी गतिविधियों को छिपाने की कोशिश कर रहे थे।
समीना के खिलाफ दिल्ली में 11 मुकदमे दर्ज
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ शालीमार गार्डन थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में भी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, इमरान के खिलाफ दिल्ली और गाजियाबाद में चोरी के चार मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, समीना के खिलाफ दिल्ली के सीमापुरी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत 11 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और नशे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
(रिपोर्ट: जुबैर अख्तर)
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