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  3. 2 लाख में बिकीं गरीब लड़कियां, शादी का सपना दिखाकर राजस्थान-हरियाणा भेजा, फिर वेश्यावृत्ति में धकेला

2 लाख में बिकीं गरीब लड़कियां, शादी का सपना दिखाकर राजस्थान-हरियाणा भेजा, फिर वेश्यावृत्ति में धकेला

यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय एवं अनाथ परिवारों की युवतियों को अपना निशाना बनाता है। उन्हें अच्छे एवं सम्पन्न परिवार में विवाह कराने का झांसा देकर विश्वास में लिया जाता है। फिर राजस्थान और हरियाणा पहुंचने के बाद उनकी इच्छा के विरुद्ध वैश्यावृत्ति में धकेल दिया जाता था।

पुलिस ने अंतरराज्यीय...- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया, 7 गिरफ्तार।

अंबेडकरनगर (यूपी): गरीब घर की बालिकाओं को निशाना बनाकर उनसे नकली शादी रचाकर कर दूसरे राज्यो में 2-2 लाख रुपये में बेच कर उनको वेश्यावृत्ति में धकेला जा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा कर 2 महिलाओं सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। थाना कोतवाली अकबरपुर पुलिस, एएचटी (Anti Human Trafficking Unit), स्वाट एवं सर्विलांस टीम को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस टीम ने अंतर्राज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक अपहृता युवती को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है।

ऐसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश

पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ लोग एक युवती को शादी का झांसा देकर राजस्थान और हरियाणा ले जाने की तैयारी में हैं तथा बसखारी मार्ग स्थित खिद्दिरपुर, टाटा मोटर्स के पास किसी वाहन का इंतजार कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम द्वारा तत्काल घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी गई।

आरोपियों के नाम-

पुलिस टीम ने मौके से बाबूलाल पुत्र छोगाराम निवासी सुमेरपुर जनपद पाली (राजस्थान), मोहनलाल पुत्र सुरताजी निवासी रामपुरा थाना सिरोही (राजस्थान), नरेन्द्र कुमार पुत्र बाबूलाल निवासी सुमेरपुर जनपद पाली (राजस्थान), बीराराम पुत्र स्वर्गीय धर्माराम निवासी कोलीबाड़ा थाना सुमेरपुर जनपद पाली (राजस्थान), नसरूद्दीन पुत्र तौफीक निवासी मखनहा थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ़, चन्द्रकला उर्फ पूनम पत्नी बीराराम निवासी कोलीबाड़ा थाना सुमेरपुर जनपद पाली (राजस्थान) तथा ऊषा पत्नी वेदप्रकाश निवासी भाऊकुआँ थाना जलालपुर जनपद अम्बेडकरनगर को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से एक अपहृता युवती को सकुशल बरामद किया गया।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की युवतियां निशाना

पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों ने बताया कि उनका गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय एवं अनाथ परिवारों की युवतियों को अपना निशाना बनाता है। गिरोह के स्थानीय सदस्य ऐसे परिवारों की पहचान करते है, जिनके परिजन आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर होने के कारण विरोध करने अथवा कानूनी कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं होते है। इसके बाद उन्हें अच्छे एवं सम्पन्न परिवार में विवाह कराने का झांसा देकर विश्वास में लिया जाता है।

फर्जी विवाह का आयोजन, रिश्तेदार बनकर शामिल होते थे आरोपी

अभियुक्तों ने बताया कि युवतियों के नाम बदलकर उनके फर्जी पहचान पत्र तैयार कराए जाते है तथा पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से एक फर्जी विवाह समारोह आयोजित किया जाता है। इस विवाह में गिरोह के सदस्य ही दूल्हा, बाराती एवं रिश्तेदार बनकर शामिल होते है ताकि किसी को संदेह न हो। विवाह के बाद युवती को विदाई के बहाने राजस्थान एवं हरियाणा ले जाया जाता है। वहां तक ले जाने के लिए यात्रा के दौरान चन्द्रकला उर्फ पूनम अपहृता युवती के साथ भी रहती है जिससे चेकिंग अथवा पूछताछ के दौरान यह प्रतीत हो कि वह विवाह के बाद अपने ससुराल जा रही है। ताकि लड़की कही बहक न जाये और भाग न जाये।

पहचान छिपाने के लिए बनवाते थे फर्जी दस्तावेज

चेकिंग और पूछताछ में इस तरह से पेश किया जाता है कि लडकी की शादी कराकर विदाई कराकर ले आ रहे है। अभियुक्त एक-दो दिन तक रेलवे स्टेशन या बस स्टेशन के आसपास स्थित होटलों में रुककर परिस्थितियों का आकलन करते थे ताकि यदि किसी प्रकार की समस्या पैदा हो तो उसे अपने स्तर पर संभाला जा सके। राजस्थान एवं हरियाणा पहुंचने के बाद युवतियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध वैश्यावृत्ति में धकेल दिया जाता था तथा उनकी वापसी लगभग असंभव बना दी जाती थी। युवतियों की वास्तविक पहचान छिपाने के लिए उनके फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे, जिससे उनके परिजन अथवा पुलिस उनकी तलाश न कर सके।

पुलिस की कार्रवाई

पूछताछ में अभियुक्तों ने यह भी बताया कि एक युवती के एवज में राजस्थान के ग्राहकों से 2,00,000 रुपये प्राप्त हुए थे, जिसमें  1 लाख नकद और  1 लाख बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त किए गए। इस धनराशि में से 40 हजार रुपये नकद अभियुक्ता ऊषा के कब्जे से बरामद किए गए हैं। इस संबंध में थाना कोतवाली अकबरपुर पर मु. अ. सं.-407/2026 अंतर्गत धारा -143(2), 87, 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 9 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

(रिपोर्ट- मिन्नतउल्लाह)

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