ग्राहक से जुड़े एक विवाद को लेकर कथित तौर पर परेशान चल रहे बंधन बैंक के मैनेजर अनुराग बाजपेई की मौत के मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं। 34 साल के अनुराग का शव कानपुर के किदवई नगर स्थित उनके किराये के कमरे में मिला। मौत से पहले उन्होंने पत्नी दिव्या को व्हाट्सएप पर कई संदेश भेजे थे, जिनमें ग्राहक नितिन गौर का नाम लेते हुए अपनी परेशानी बताई और लिखा कि उनकी कोई गलती नहीं है। कमरे से सुसाइड नोट मिलने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
अनुराग मूल रूप से उन्नाव जिले के बांगरमऊ के रहने वाले थे। वह गोविंद नगर स्थित बंधन बैंक की शाखा में गोल्ड लोन विभाग के मैनेजर के तौर पर काम करते थे और पिछले करीब दो साल से कानपुर में रह रहे थे। उनका परिवार अलग रहता था, जबकि वह किदवई नगर के एम ब्लॉक स्थित किराये के मकान में अकेले रहते थे।
पत्नी को भेजे मैसेज में ग्राहक का जिक्र
परिजनों और सामने आए व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट के मुताबिक, अनुराग ने बुधवार दोपहर करीब 2:52 से 2:56 बजे के बीच पत्नी दिव्या को कई मैसेज भेजे थे। इन संदेशों में उन्होंने नितिन गौर नाम के ग्राहक से जुड़े मामले का जिक्र किया। कथित तौर पर उन्होंने लिखा कि यह मामला 7 अक्टूबर से चल रहा है, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।
संदेशों में उन्होंने यह भी जाहिर किया कि उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है और उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं मिल रहा है। दोपहर करीब 3:10 बजे दिव्या ने मैसेज देखे और जवाब देकर अनुराग से पूरी बात बताने को कहा। इसके बाद उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। लगातार संपर्क करने के बावजूद जब अनुराग की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो पत्नी ने परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बैंक से भी संपर्क कर उनके बारे में पता लगाने की कोशिश की गई।
बैंक कर्मचारी कमरे पर पहुंचा तो अंदर से बंद था दरवाजा
अनुराग से संपर्क नहीं होने पर बैंक का एक कर्मचारी उनके किराये के कमरे पर पहुंचा। दरवाजा अंदर से बंद था और काफी आवाज देने के बाद भी भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कर्मचारी ने इसकी जानकारी संबंधित लोगों को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंची। परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा खुलवाया गया तो अंदर अनुराग का शव मिला। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुसाइड नोट की भी जांच
कमरे से सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा, ग्राहक से जुड़े विवाद के संबंध में एसीपी बाबूपुरवा को पहले दिए गए एक प्रार्थना-पत्र के मिलने की भी जानकारी मिली है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस प्रार्थना-पत्र की बरामदगी और उसमें दर्ज तथ्यों की स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद किस बात को लेकर था, अनुराग ने पहले किसी अधिकारी से शिकायत की थी या नहीं और यदि शिकायत दी गई थी तो उस पर क्या कार्रवाई हुई। व्हाट्सएप मैसेज, सुसाइड नोट और उपलब्ध दस्तावेजों को जांच के दायरे में रखा गया है।
(रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)
यह भी पढ़ें:
नीले ड्रम केस में मौत की सजा के बाद मुस्कान की मां बोलीं- "मुख्य अपराधी साहिल है, वह काला जादू जानता था"
पिता की डांट से आहत ई-रिक्शा ड्राइवर ने की खुदकुशी, पेड़ से लटका मिला शव