धनतेरस पर नई कार खरीदने की खुशी में एक बेटी अपने पिता का आशीर्वाद लेने और उन्हें मिठाई खिलाने पहुंची थी, लेकिन फ्लैट का दरवाजा खुलते ही उसके सामने ऐसा मंजर आया, जिसने उसकी खुशियों को मातम में बदल दिया। अंदर तेज दुर्गंध फैली हुई थी और कमरे में बेड पर 82 साल के पिता का शव पड़ा था। हैरानी की बात यह थी कि बुजुर्ग की मौत करीब सात दिन पहले हो चुकी थी और उनका बेटा इतने दिनों तक उसी फ्लैट में शव के साथ रह रहा था।
यह मामला कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर स्थित अमन एनक्लेव का है। मृतक की पहचान 82 साल के डॉ. प्रेम प्रकाश के रूप में हुई है। शुक्रवार को उनकी बेटी अर्चना धनतेरस पर नई कार खरीदने के बाद पिता और भाई को मिठाई खिलाने पहुंची थीं। जब उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो भाई विजय श्रीवास्तव ने गेट खोला। फ्लैट के अंदर कदम रखते ही उन्हें तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब वह पिता के कमरे में पहुंचीं तो बेड पर उनका शव देखकर चीख पड़ीं। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए।
कमरे में बिखरा था सामान
अर्चना के मुताबिक, फ्लैट के अंदर सामान बिखरा पड़ा था और चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी। रसोई में गंदे बर्तन और खाना पड़ा था। पिता के कमरे में पहुंचने पर बेड पर उनका शव मिला। हैरानी की बात यह थी कि शव के पास ही खाना भी रखा हुआ था। पिता की मौत के बाद इतने दिनों तक भाई उसी घर में कैसे रहा और उसने अपना गुजारा कैसे किया, यह भी जांच का विषय है।
विजय पिता के साथ ही अमन एनक्लेव स्थित फ्लैट में रहता था। पिता ही बेटे की देखभाल करते थे। यहां तक कि उसके लिए खाना भी वही बनाते थे। ऐसे में पिता की मौत के बाद करीब सात दिनों तक विजय ने कैसे समय बिताया और खाने-पीने का इंतजाम कैसे किया, इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पोस्टमॉर्टम से खुलेगा मौत का राज
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। ACP अमित चौरसिया के मुताबिक, शुरुआती जांच में शव करीब पांच से सात दिन पुराना लग रहा है। मृतक का बेटा भी उसी फ्लैट में मौजूद था।
(रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)
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