कानपुर: चकेरी के सनिगवां स्थित इलाके में लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करने वाला दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां घर के पास खेल रहा तीन साल का मासूम खुले टैंक में गिर गया। परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी और परिजन करीब डेढ़ घंटे तक बच्चे को इधर-उधर तलाशते रहे। बाद में मोहल्ले के बच्चों ने बताया कि मासूम टैंक में गिर गया है। स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, हादसा सोमवार शाम बंबा इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि टैंक वाहन धुलाई सेंटर के लिए खुदवाया गया था और इसकी गहराई करीब पांच फीट थी। घटना ने खुले गड्ढों और टैंकों के आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घर से 30 मीटर दूर खेल रहा था निहाल
सनिगवां के बंबा इलाके में रहने वाले मोहम्मद रफीक मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी सहाना और तीन बेटे गुफरान, कुर्बान और तीन वर्षीय निहाल थे। सोमवार शाम करीब चार बजे निहाल मोहल्ले के दूसरे बच्चों के साथ घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह घर से करीब 30 मीटर दूर स्थित वाहन धुलाई सेंटर के टैंक में गिर गया, परिजनों को काफी देर तक इस बात की जानकारी नहीं हुई। जब निहाल घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। घर के आसपास और मोहल्ले में बच्चे को खोजा जाता रहा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही थी।
डेढ़ घंटे बाद बच्चों ने बताया, टैंक में गिरा है मासूम
करीब शाम 5:30 बजे मोहल्ले के बच्चों ने परिजनों को निहाल के टैंक में गिरने की जानकारी दी। इसके बाद परिवार और स्थानीय लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। टैंक से बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी हालत गंभीर थी। परिजन उसे अस्पताल ले जाने के लिए निकले, मगर रास्ते में ही निहाल ने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बच्चे को परिजन कुछ देर पहले तक मोहल्ले में तलाश रहे थे, उसकी मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
3 घंटे बाद पुलिस और दमकल को दी गई सूचना
घटना के बाद शाम करीब सात बजे पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस बल और दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि, परिजनों ने फिलहाल किसी तरह की कार्रवाई कराने और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार के मुताबिक, परिजनों के द्वारा अबतक कोई भी प्राथनापत्र नही दिया गया है, थाने पर तहरीर मिलने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
खुले टैंक और सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में खुले गड्ढों और टैंकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। करीब पांच फीट गहरे टैंक के आसपास बच्चों की पहुंच रोकने के लिए क्या इंतजाम थे, यह जांच का विषय है। हालांकि, टैंक को खुला छोड़ने और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर अभी किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। तीन साल के निहाल की मौत ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या खुले टैंकों और गड्ढों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी, ताकि किसी मासूम की जान जोखिम में न पड़े।
(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
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