महोबा में लगातार बारिश के बीच एक परिवार पर ऐसी आफत टूटी, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया। करीब आठ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद श्रीनगर थाना क्षेत्र के सिजहरी गांव में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। घर के मलबे में दबने से बुजुर्ग दंपत्ति की मौत हो गई, जबकि हादसे के दौरान घर में मौजूद तीन बच्चों और एक महिला को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बताया जा रहा है कि सिजहरी गांव में चतुरा कुशवाहा उर्फ चतुर्भुज (80) अपनी पत्नी बुदिया (75) और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कच्चे मकान में रह रहे थे। लगातार बारिश के कारण मकान की मोरंग से बनी दीवारें कमजोर हो गई थीं। बुधवार को बारिश के बीच अचानक पूरा मकान ढह गया। कुछ ही पलों में जिस घर में परिवार रह रहा था, वह मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।
ग्रामीणों ने बच्चों और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला
मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। मलबे में परिवार के लोगों के दबे होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बिना देर किए बचाव अभियान शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद तीन बच्चों और एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, बुजुर्ग दंपत्ति मलबे में गहराई तक दबे होने के कारण उन्हें निकालने में काफी समय लगा।
हादसे की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। कुछ ही देर में पुलिस टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी रखा गया। काफी प्रयास के बाद चतुरा कुशवाहा और उनकी पत्नी बुदिया को बाहर निकाला गया। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद गांव में पसरा मातम
बुजुर्ग दंपत्ति की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी मातम छा गया। बारिश से पहले से ही ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों को लेकर खतरा बना हुआ है और इस हादसे ने एक बार फिर ऐसे घरों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में अमरोहा में भी एक ऐसा ही हादसा देखने को मिला था।
(रिपोर्ट: शांतनु सोनी)
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