'भारत की एकता को चुनौती देने के कुत्सित प्रयास हो रहे, मिलकर करना होगा सामना', लखनऊ में बोले सीएम योगी
लखनऊ में सरदार वल्लभ भाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना के शुभारंभ के अवसर पर सीएम योगी एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज भारत की एकता को चुनौती देने के कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें इनका मिलकर सामना करना होगा।

लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित समारोह में सीएम योगी शामिल हुए। यहां उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अब भारत मे दो कानून नहीं चलेंगे, एक देश में एक विधान एक निशान चलेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को खतरा तब होता है जब हम जाति के नाम पर, क्षेत्र के नाम पर बंटे होते हैं। जातिवाद, क्षेत्रवाद जैसी बीमारियां समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती हैं। जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वो कहां से लौहपुरुष पटेल को मानेंगे। लौहपुरुष का अनुयायी वही हो सकता है जिसके मन में राष्ट्रवाद हो। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता को चुनौती देने के जो कुत्सित प्रयास हो रहे हैं उसका मुकाबला हमें मिलकर करना होगा, यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
'563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया'
सीएम योगी ने कहा, "भारत माता के महान सपूत, प्रखर राष्ट्रवादी नेतृत्वकर्ता की आज 151वीं पावन जयंती है। इस अवसर पर भारत माता के इस महान शिल्पी की स्मृतियों को नमन करते हुए उत्तर प्रदेश वासियों की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 31 अक्टूबर को पीएम मोदी ने देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में आयोजित करने का आह्वान किया था। इसके तहत अनेक प्रकार के कार्यक्रम होते हैं। लौह पुरुष की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए पीएम मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के तट पर सरदार सरोवर में स्थापित की है। आपने देखा होगा कितनी विशाल प्रतिमा है। वह प्रतिमा सरदार वल्लभभाई पटेल के विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व भी करती है। जिन्होंने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया था।"
जूनागढ़ और हैदराबाद की रियासतों का सीएम योगी ने किया जिक्र
सीएम योगी ने कहा, "उस समय आपको याद होगा कि जब भारत आज़ाद हुआ, दो रियासतें ऐसी थीं जिन्होंने आनाकानी की थी, जूनागढ़ ने और हैदराबाद ने। जूनागढ़ का नवाब तो याद करिए जब सरदार पटेल जी ने उसको चेतावनी दी कि बातों से नहीं मानोगे तो हम दूसरा तरीका भी अपनाना आता है। आपने देखा होगा जूनागढ़ का नवाब अपने बच्चों तक को छोड़ कर के पाकिस्तान भाग गया। आज जूनागढ़ भारत का हिस्सा है। याद करिए हैदराबाद का निजाम व्यापक कत्लेआम करके हिंदुओं को, सिखों को, बौद्धों को, जैनियों को वहां कटवाता था, उनका धर्मांतरण करवाता था। लौह पुरुष ने जब उसको चेतावनी दी, आप सोचो, वहां कोई प्रोटोकॉल नहीं मानता था। उसको भी भागने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हैदराबाद समेत उसके अंदर आने वाली उसकी रियासत के सभी भाग आज भारत के हिस्से हैं।"
कश्मीर को लेकर जवाहरलाल नेहरू पर साधा निशाना
उन्होंने कहा, "याद करिए केवल एक कश्मीर... यह पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने पास रखी थी कि मैं इसको करूंगा। लेकिन, उसको उस समय कबीलाइयों ने जब हमला किया, पाक अधिकृत कश्मीर आज भी पाकिस्तान का कब्ज़ा बना हुआ है। वहां हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन इन सबका व्यापक कत्लेआम हुआ। ना के बराबर आबादी है वहां। शेष कश्मीर में पंडित नेहरू ने धारा 370 लागू कर दी थी। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विरोध कर रहे थे। उस सब के बावजूद ये पाप कांग्रेस ने किया। लेकिन एक भारत, श्रेष्ठ भारत के शिल्पी, प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर की धारा 370 को जब गृह मंत्री के रूप में अमित शाह देश के गृह मंत्री बने, उस धारा को सदैव के लिए दफन करके आज कश्मीर को भारत का हिस्सा उसी रूप में बना दिया है जैसे लखनऊ है, जैसे उत्तर प्रदेश है।"
'भारत के अंदर अब दो कानून नहीं चलेंगे'
सीएम योगी ने आगे कहा, "अब भारत के अंदर दो कानून नहीं चलेंगे। एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान ही चलेगा। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारत के महान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों का सपना साकार हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने यह कार्य किया तो आज लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का वह सपना साकार होता हुआ हम सबके सामने दिखाई देता है। बहनों और भाइयों, इस सपने को साकार करने के लिए हम सबके द्वारा किए गए प्रयास का ये हिस्सा होना चाहिए।"
'भारत की एकता को चुनौती देने के कुत्सित प्रयास हो रहे'
सीएम योगी ने कहा, "राष्ट्रीय एकता को खतरा कब होता है? जब हम जाति के नाम पर बंटे होते हैं, क्षेत्र के नाम पर बंटे होते हैं, कमज़ोर होते हैं। याद रखना बीमारी वहीं होती है जिस शरीर की स्टेमिना समाप्त हो जाती है। प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है और यही बीमारियां हैं जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद, ये वही बीमारियां हैं जो समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती है, फिर समाज को कमजोर करके आक्रांताओं को हमला करने के लिए आमंत्रित करती है। जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं वे कहां से लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के अनुयायी हो सकते हैं। कभी नहीं हो सकते। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का अनुयायी वही हो सकता है जिसके मन में राष्ट्रवाद का भाव हो, जो भारत को, एकता को, भारत की सुरक्षा को, भारत की संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो। वही लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का सच्चा अनुयायी हो सकता है। विभाजनकारी लोग नहीं। समाज को बांटने वाले तत्व नहीं। और यही आह्वान मैं आप सबसे कहूंगा कि राष्ट्रीय एकता को जो चुनौतियां प्रस्तुत करने के कुत्सित प्रयास हो रहे हैं, भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का जो कुत्सित प्रयास हो रहा है, भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने के जो कुत्सित प्रयास हो रहे हैं, उन सब का मुकाबला हमें मिलकर के करना होगा।"
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