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लखनऊ KGMU धर्मांतरण प्रकरण: STF की जांच में चौंकाने वाले खुलासे, रिपोर्ट में क्या है? जाने

 Reported By: Vishal Singh,  Written By: Kajal Kumari
 Published : Oct 31, 2026 09:40 am IST,  Updated : Oct 31, 2026 12:23 pm IST

यूपी के लखनऊ में KGMU धर्मांतरण मामले में डॉक्टर रमीज से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एसटीएफ की जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं। एसटीएफ ने सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपी है।

KGMU धर्मांतरण प्रकरण में चौंकाने वाले खुलासे- India TV Hindi
KGMU धर्मांतरण प्रकरण में चौंकाने वाले खुलासे

लखनऊ में KGMU धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टर रमीज से पुलिस ने 100 से ज्यादा सवाल पूछे, जिसमें पुलिस को कई अहम सबूत मिले हैं। इससे पहले डॉक्टर रमीज के पास से मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद हुए हैं। आरोपी डॉक्टर रमीज को 48 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) धर्मांतरण और उत्पीड़न का मामला जनवरी 2026 में तब सामने आया, जब एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक (डॉ. रमीज मलिक) पर गंभीर आरोप लगाए।

STF की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

  • STF ने KGMU में कथित धर्मांतरण नेटवर्क की जांच कर पूरे मामले का खुलासा किया।
  • एसटीएफ की जांच में विश्वविद्यालय के डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों की कथित भूमिका सामने आई।
  • जांच के दौरान महिला डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मचारियों को प्रेमजाल में फंसाने, शादी का झांसा देने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोपों की पड़ताल की गई।
  • एसटीएफ ने अपनी जांच रिपोर्ट में अलग-अलग विभागों से जुड़े लोगों और घटनाओं का उल्लेख किया।
  • रिपोर्ट में गांधी वार्ड, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग से जुड़े मामलों का जिक्र किया गया।
  • एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने KGMU प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए।
  • चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी ने कुलसचिव को पत्र लिखकर संबंधित मामलों में कार्रवाई का विवरण मांगा।
  • जांच रिपोर्ट में नफीस, मुस्तफा और रेजिडेंट डॉक्टर आदिल से जुड़े कथित मामलों का भी उल्लेख है।
  • अब एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर KGMU प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर है।

KGMU में कथित धर्मांतरण नेटवर्क की परतें खोलने में STF की जांच अहम रही। उसकी रिपोर्ट के बाद अब संस्थागत स्तर पर कार्रवाई का मामला आगे बढ़ा है। STF ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है जिसमें धर्मांतरण और लव जिहाद से सम्बंधित गंभीर आरोपों की फेहरिस्त मौजूद है।

क्या है पूरा मामला
 
  • अस्पताल की ए महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि डॉ. रमीज ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया, जबरन गर्भपात (abortion) कराया और धर्म परिवर्तन (इस्लाम कबूल करने) के लिए दबाव बनाया। इसके बाद पीड़िता ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश भी की थी। इस मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ की जांच रिपोर्ट (अक्टूबर 2026) में यह खुलासा हुआ है कि KGMU के विभिन्न विभागों में हिंदू महिला डॉक्टरों और स्टाफ को कथित तौर पर निशाना बनाने वाला एक नेटवर्क सक्रिय था।
  •  एसटीएफ की रिपोर्ट में पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग के कुछ मुस्लिम डॉक्टरों व फैकल्टी सदस्यों (जैसे प्रो. सुरेश बाबू, डॉ. सुमायरा कयूम, शफात अली खान और डॉ. रिजवान आदि) के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि जब महिला डॉक्टरों ने इसका विरोध किया, तो उनका करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई या उन्हें मानसिक रूप से विक्षिप्त घोषित करने का प्रयास किया गया।
  • इसके बाद मुख्य आरोपी डॉ. रमीज और उसके माता-पिता की गिरफ्तारी हुई और KGMU ने उसे निलंबित कर कॉलेज से निष्कासित कर दिया। हाल ही में (अक्टूबर 2026 में) उत्तर प्रदेश शासन ने एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर KGMU प्रशासन को संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं और रिपोर्ट तलब की है।

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