Wednesday, January 21, 2026
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'जन्नत' नाम से हिंदू लड़कियों का फोल्डर, मुस्लिम युवाओं को फंसाने के लिए जुटाए कॉल गर्ल्स के नंबर, KGMU धर्मांतरण के आरोपी डॉक्टर रमीज ने किए बड़े खुलासे

डॉक्टर रमीज ने KGMU धर्मांतरण मामले के राज पुलिस की पूछताछ में उगल दिए हैं। उसने जन्नत नाम से उन सभी हिंदू लड़कियों के नाम का फोल्डर बना रखा था जिनसे वह संपर्क में आया था।

Reported By : Vishal Pratap Singh Edited By : Vinay Trivedi Published : Jan 21, 2026 11:54 am IST, Updated : Jan 21, 2026 11:56 am IST
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Image Source : REPORTERS INPUT डॉक्टर रमीज ने KGMU धर्मांतरण मामले पर बड़े खुलासे हुए।

लखनऊ: यूपी के लखनऊ में KGMU धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टर रमीज से पुलिस की पूछताछ खत्म हो गई है। रमीज के मामले में उससे 100 से ज्यादा सवाल पूछे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, KGMU धर्मांतरण मामले में पुलिस को अहम सबूत मिले हैं। पूछताछ के दौरान कई खुलासे हुए हैं। डॉक्टर रमीज के पास से मोबाइल फोन और 2 लैपटॉप बरामद हुए हैं। आरोपी डॉ.रमीज को 48 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया गया था।

धर्मांतरण के सवालों पर रमीज ने साधी चुप्पी

पुलिस ने आरोपी से कई बिंदुओं पर गहन पूछताछ की। उसके मोबाइल से चैट और कई नंबर डिलीट करने का भी खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक टीम डिलीट डाटा रिकवर करने में जुटी है। सुरक्षा कारणों से गोपनीय स्थान पर उससे पूछताछ की गई है। STF ने भी आरोपी से अलग से पूछताछ की है। हालांकि, धर्मांतरण के दबाव के सवालों पर आरोपी ने चुप्पी साध ली।

डॉ. परवेज से कनेक्शन पर नहीं खोला मुंह

नेपाल सीमा तक संपर्कों को लेकर भी जांच तेज है। पुलिस ने आरोपी से महिला रेजिडेंट डॉक्टर पर धर्मांतरण का दबाव डालने के बारे में जब सवाल किए तो आरोपी ने कई सवालों के जवाब नहीं दिए। वह चुप्पी साधे रहा। आगरा में डॉ. परवेज से संबंधों पर भी आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया। केस दर्ज होने के बाद से आरोपी किन-किन शहरों में गया, इस संबंध में भी पूछताछ की गई है।

धर्मांतरण में माता-पिता की भूमिका पर क्या बोला?

इसके अलावा नेपाल सीमा तक आरोपी किन लोगों की मदद से पहुंचा था, इसकी जानकारी भी ली गई है। पुलिस ने यौन शोषण पीड़िता से आरोपी का सामना नहीं कराया। पीड़िता ने भी आरोपी से मिलने से इनकार कर दिया। पूछताछ में रमीज ने माता-पिता की संलिप्तता से इनकार किया है। आरोपी ने बताया कि वह पीड़िता के संपर्क में था दोनों की मुलाकात भी होती थी। हालांकि, धर्मांतरण के प्रयास में उसके माता-पिता की कोई भूमिका नहीं है।

'जन्नत' नाम से बनाया हिंदू लड़कियों का फोल्डर

रमीज मामले में बड़ा खुलासा हुआ है कि उसने जन्नत नाम से हिंदू लड़कियों के नंबर और वीडियोज का फोल्डर बना रखा था। रमीज के 2 लैपटाप से 13 साल का डाटा और कई अश्लील वीडियो और फोटो मिले। मेडिकोज ग्रुप पर रमीज लगातार खामोश रहा। कॉल गर्ल्स के नंबरों की सूची भी लैपटॉप में मिली है।  रिमांड के दौरान रमीज के घर से एक नहीं बल्कि दो लैपटाप बरामद हुए। एक लैपटाप में उसने 13 साल का डेटा सेव कर रखा हुआ है।

रमीज ने खुद ही बनाई अपनी क्राइम कुंडली

इस डेटा में न सिर्फ उसकी निजी गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड है, बल्कि मेडिकोज ग्रुप से जुड़े संदिग्ध संपर्कों और कई युवतियों के अश्लील वीडियो भी शामिल हैं। फॉरेंसिक की मदद से डाटा रिकवर किया जा रहा है। झूठ बोलकर दोस्तों के पास रमीज दिल्ली में रुका था। दोस्त की मदद से ही उसने मोबाइल फोन खरीदा था। सोमवार दोपहर 1 बजे चौक पुलिस ने रमीजुद्दीन नायक को 48 घंटे की रिमांड पर लिया था।

कॉल गर्ल्स का डेटा भी रमीज ने जुटाया

सोमवार को 5 घंटे तक चली पूछताछ में उससे 40 सवाल किए गए थे। मंगलवार को भी पूछताछ जारी रही। बुधवार को सुबह भी पूछताछ हुई। कुल 48 घंटों में 120 से ज्यादा सवाल पूछे गए। पूछताछ के दौरान रमीज को निशानदेही पर पुलिस ने दो लैपटाप बरामद किए हैं, जिनमें बेहद आपत्तिजनक और चौंकाने वाले कंटेंट मिले। लैपटाप के एक अलग फोल्डर में रमीज ने कथित तौर पर कॉल गर्ल्स का भी डेटा जमा कर रखा था। इनमें नाम, संपर्क और अन्य जानकारियां शामिल हैं।

संभाल कर रखता था हर हिंदू लड़की का डेटा

सूत्रों के अनुसार, इन कॉल गर्ल्स का इस्तेमाल वो धर्मांतरण के रैकेट में मुस्लिम युवाओं को फंसाने के लिए करता था। रमीज पिछले 13 साल से अपनी हर गतिविधि को डिजिटल रूप से सहेज कर रखता था। जिस भी हिंदू लड़की से उसका संपर्क होता था, वह उसकी फोटो और डिटेल बनाकर सुरक्षित कर लेता था।

पुलिस ने रमीज से केजीएमयू के मेडिकोज ग्रुप को लेकर भी सवाल किए, लेकिन इस संबंध में उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि, उसने तीन मददगारों के नाम लिए हैं। पूछताछ में सामने आया कि रमीज नशे की हालत में आपत्तिजनक गतिविधियों को अंजाम देता था।

पूछताछ में जानकारी सामने आई है कि मेडिकोज ग्रुप के जरिए उसका प्रभाव मेडिकल छात्रों और अन्य युवाओं तक था, जिसका इस्तेमाल वह अपने नेटवर्क को फैलाने में करता था। इस बिंदु पर पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं, जिनकी तकनीकी जांच कराई जा रही है।

उसके दूसरे लैपटॉप से 50 से ज्यादा युवतियों के वीडियो मिले हैं, जिनमें उसकी पहली पत्नी के साथ-साथ अन्य लड़कियों के वीडियो भी शामिल हैं।  यह वीडियो ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।

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