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दावोस में कनाडा के PM कार्नी ने ग्रीनलैंड मामले पर ट्रंप को दिया सख्त संदेश, कहा-"नियम आधारित व्यवस्था मर चुकी है"

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jan 21, 2026 11:53 am IST,  Updated : Jan 21, 2026 11:53 am IST

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दावोस में ट्रंप का नाम लिए बिना बड़ा हमला बोला है। उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की कोशिशों के बीच कहा कि विश्व में नियम आधारित व्यवस्था मर चुकी है।

मार्क कार्नी, कनाडा के प्रधानमंत्री।- India TV Hindi
मार्क कार्नी, कनाडा के प्रधानमंत्री। Image Source : AP

दावोसः ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे के प्रयासों के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को स्पष्ट और सख्त संदेश देते हुए दाओस में कहा कि नियम-आधारित व्यवस्था मर चुकी है। उनके निशाने पर सीधे तौर पर अमेरिका और उसके राष्ट्रपति ट्रंप रहे। हालांकि इस दौरान उन्होंने ट्रंप का नाम नहीं लिया। 

शक्तिशाली देश आर्थिक एकीकरण को बना रहे हथियार

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार कनाडा के पीएम कार्नी ने कहा कि अब दुनिया ऐसी जगह बन गई है, जहां शक्तिशाली देश अपनी रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक एकीकरण को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।  कार्नी ने दाओस में अपने संबोधन के दौरान कहा कि दुनिया के मध्यम शक्ति वाले देशों को आक्रामक महाशक्तियों के दबाव का विरोध करने के लिए एकजुट होना चाहिए।  हाल की घटनाओं से साबित हुआ है कि "नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था" प्रभावी रूप से खत्म हो चुकी है। 

नई व्यवस्था बनाने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं

कार्नी ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि कनाडा और अन्य देशों के पास अब सिवाय नए गठबंधनों के निर्माण के कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है, ताकि महाशक्तियों के दबाव और धमकी की रणनीतियों का मुकाबला किया जा सके।  उनके भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया गया।  प्रधानमंत्री कार्नी ने ट्रंप द्वारा बार-बार सुरक्षा कारणों का हवाला देकर ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के दावे के चलते आर्कटिक में तनाव बढ़ने के बीच विश्व आर्थिक मंच पर मंगलवार को कहा कि कनाडा ग्रीनलैंड के पीछे मजबूती से खड़ा है।  उन्होंने कहा कि इस अर्ध-स्वायत्त द्वीप और डेनमार्क को "ग्रीनलैंड के भविष्य का निर्धारण करने का अनोखा अधिकार" है।  

नाटो के साथ ग्रीनलैंड की सुरक्षा को प्रतिबद्ध कनाडा

प्रधानमंत्री कार्नी ने ट्रंप की ओर इशारा करते कहा, "‘नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था’ का हवाला देना बंद करो जैसे कि यह अभी भी विज्ञापित रूप से काम कर रही हो। "व्यवस्था को वैसा ही कहो जैसी वह है। यह एक ऐसा दौर है, जहां सबसे शक्तिशाली देश अपनी रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक एकीकरण को जबरदस्ती के हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं। कार्नी ने कहा कि कनाडा नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) में भागीदारों के साथ गठबंधन के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए काम कर रहा है। नाटो की संयुक्त रक्षा धारा और अनुच्छेद 5 के प्रति कनाडा की प्रतिबद्धता "अटल" है।  उनका भाषण ट्रांस अटलांटिक संबंधों में बढ़ती खाई के बीच आया। 

मैक्रों ने भी ट्रंप की रणनीति पर बोला हमला

दावोस में कार्नी के भाषण से कुछ घंटे पहले, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की व्यापार रणनीति पर हमला किया, जिसमें यूरोपीय देशों पर और अधिक टैरिफ की धमकी शामिल है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ग्रेटलैंड(ग्रीनलैंड) हासिल करने की अनुमति न दी जाए। इस बीच  रातोंरात ट्रंप ने एक नक्शे की तस्वीर पोस्ट की, जिसमें ग्रेटलैंड और कनाडा दोनों पर अमेरिकी झंडा दिखाया गया था। मैक्रों ने कहा कि  बड़े राष्ट्रों की ज्यादती के सामने, "देशों में साथ चलने की मजबूत प्रवृत्ति होती है। ताकि समायोजन करने और परेशानी से बचने की की सहूलियत मिले। 

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