अगर बच्चा नियमित रूप से जंक फूड जैसे पिज़्ज़ा, बर्गर, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, पैकेट फूड खाता है, तो साल में एक बार उसका फिजिकल चेकअप जरूर करवा लेना चाहिए। बच्चा जब तक बीमार न पड़े माता पिता उसे स्वस्थ मानते हैं। जबकि लाइफस्टाइल से जुड़ी कई बीमारियां शरीर में धीरे-धीरे पनप रही होती हैं। फरीदाबाद के यथार्थ अस्पताल के डॉक्टर कपिल शर्मा (ग्रुप डायरेक्टर गैस्ट्रोलॉजी) ने बताया कि बच्चों के कुछ टेस्ट आपको साल में 1 बार जरूर करवा लेने चाहिए। डॉक्टर ने बताए 10 साल तक के बच्चे के कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?
वजन और ग्रोथ की जांच
- BMI (Body Mass Index)
- हाइट–वेट चार्ट (Age अनुसार)
मोटापा या ग्रोथ रुकने का जल्दी पता चलता है
ब्लड शुगर टेस्ट
- फास्टिंग ब्लड शुगर
लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल टेस्ट)
- टोटल कोलेस्ट्रॉल
- LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल)
- HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल)
- ट्राइग्लिसराइड्स
लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
फैटी लिवर की शुरुआती पहचान के लिए
किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT)
- सीरम क्रिएटिनिन
- ब्लड यूरिया
हीमोग्लोबिन और CBC
एनीमिया, कमजोरी और इम्युनिटी का अंदाज़ा
Vitamin D और Vitamin B12
जंक फूड खाने वाले बच्चों में इनकी कमी आम है
थायरॉइड टेस्ट
- टीएसएट
अगर बच्चा बहुत मोटा हो रहा हो या बहुत सुस्त रहता हो
ब्लड प्रेशर चेक
मोटे बच्चों में हाई BP अब असामान्य नहीं रहा
स्टूल टेस्ट / अल्ट्रासाउंड (डॉक्टर की सलाह से)
पेट और पाचन से जुड़े लक्षण हों तो
महत्वपूर्ण सलाह
- हर बच्चे को सारे टेस्ट ज़रूरी नहीं
- बच्चे की डाइट, वजन और लक्षण देखकर डॉक्टर तय करते हैं
- जंक फूड हफ्ते में 1 बार से ज्यादा नहीं
- घर का खाना, फल, दूध, दही और खेल-कूद सबसे बड़ी दवा है