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Kamjor Rahu Ke Lakshan: बार-बार घेर लेती है बीमारियां? सेहत, धन हानि और कलह का कारण बनता है कमजोर राहु, जानें लक्षण और उपाय

Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
Published : Jan 20, 2026 11:40 pm IST, Updated : Jan 20, 2026 11:40 pm IST

Remedies to Strengthen Rahu: कुंडली में कमजोर राहु होने पर स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बार-बार बीमार पड़ना, मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान इसके संकेत हो सकते हैं। जानिए कमजोर राहु के लक्षण और राहु को शांत करने के प्रभावी उपाय।

Kamjor Rahu Ke Lakshan Aur Upay खराब राहु के लक्षण और उपाय- India TV Hindi
Image Source : FILE जानें खराब राहु के लक्षण और उसे मजबूत करने के उपाय

Kamjor Rahu Ke Lakshan Aur Upay: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का जीवन पर गहरा प्रभाव माना गया है। हर ग्रह व्यक्ति की सोच, व्यवहार, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है। इन्हीं ग्रहों में राहु एक ऐसा ग्रह है, जिसे अक्सर डर और भ्रम से जोड़कर देखा जाता है। अगर कुंडली में राहु कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, तो व्यक्ति को बिना कारण परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

ज्योतिष में राहु ग्रह का महत्व (Rahu Chhayagrah)

ज्योतिष शास्त्र में कुल नौ ग्रह माने गए हैं, जिनमें राहु और केतु छाया ग्रह कहलाते हैं। राहु को उत्तर चंद्र बिंदु का स्वामी माना जाता है और इसका संबंध मन, सोच और इच्छाओं से होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राहु तमसिक प्रवृत्ति का प्रतीक है, जो भ्रम, लालच और अस्थिरता को बढ़ाता है।

राहु के प्रभाव और स्वभाव (Bad Rahu Impact)

राहु एक छाया ग्रह होने के कारण प्रत्यक्ष नहीं दिखता, लेकिन इसका असर गहराई से महसूस होता है। इसके मुख्य गुण रोग, ऋण और शत्रुता माने गए हैं। हालांकि राहु साहस, जोखिम उठाने की क्षमता और आत्मविश्वास भी देता है, इसी कारण कलियुग में इसका प्रभाव अधिक माना जाता है।

कुंडली में कमजोर राहु होने के लक्षण (Bad Rahu impact on Kundli)

  • ज्योतिष के अनुसार राहु की अन्य ग्रहों के साथ युति कई दोषों का कारण बनती है। सूर्य के साथ राहु की युति से पितृ दोष, शनि के साथ श्रापित दोष, चंद्रमा के साथ ग्रहण दोष, गुरु के साथ गुरु चांडाल योग और शुक्र के साथ पातक दोष बनता है।
  • कमजोर राहु के कारण पेट से जुड़ी बीमारियां, सिरदर्द, मानसिक भ्रम, आत्मविश्वास की कमी और रिश्तों में तनाव देखने को मिलता है।
  • इसके अलावा आर्थिक नुकसान, क्रोध, वाणी की कठोरता, वाहन दुर्घटना और सामाजिक अपयश की स्थिति भी बन सकती है।

राहु को शांत करने के उपाय (Remedies to Strengthen Rahu)

  1. रोज योग और ध्यान करने से मन स्थिर रहता है और राहु का प्रभाव संतुलित होता है। भगवान शिव की पूजा और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का नियमित जाप लाभकारी माना जाता है। भैरव नाथ के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना और हनुमान जी की आराधना करना भी राहु दोष शांति में सहायक होता है।
  2. इसके साथ ही नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखें, सोमवार को शिवलिंग पर जल अर्पित करें और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता बनाए रखना भी राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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