Wednesday, January 21, 2026
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एमपी: पुरुष मरीज की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बच्चादानी होने का जिक्र, भगवान भरोसे चल रही व्यवस्था, खूब मचा हंगामा

मध्य प्रदेश के सतना में मरीज भगवान भरोसे है। यहां एक मरीज जब अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचा तो उसकी रिपोर्ट में बच्चादानी होने का जिक्र कर दिया गया। जबकि पुरुषों के बच्चादानी होती ही नहीं है।

Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
Published : Jan 21, 2026 06:56 am IST, Updated : Jan 21, 2026 06:58 am IST
Satna, Satna Patients- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT सतना डायग्नोस्टिक सेंटर की सोनोग्राफी रिपोर्ट की मरीज ने की शिकायत

सतना: मध्य प्रदेश के सतना से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां एक मरीज पेट की तकलीफ होने की वजह से सतना डायग्नोस्टिक सेंटर में अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचा था। जब उसकी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट सामने आई तो पता लगा कि उसमें बच्चेदानी का भी जिक्र किया गया है। जबकि पुरुषों में बच्चेदानी नहीं होती, वह तो केवल महिलाओं में होती है, क्योंकि उन्हें बच्चे को जन्म देना होता है। इस तरह जांच रिपोर्ट में एक पुरुष को महिला बना दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

सतना शहर के स्टेशन रोड स्थित सतना डायग्नोस्टिक सेंटर की सोनोग्राफी रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट में 47 साल के एक पुरुष की जांच में यूट्रस दिखाया गया है। यह जांच रिपोर्ट जिले के एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की है। दरअसल, उचेहरा नगर पंचायत के अध्यक्ष निरंजन प्रजापति को पेट में तकलीफ हुई तो उन्होंने सतना डायग्नोस्टिक सेंटर में 13 जनवरी को सोनोग्राफी कराई। जिसकी रिपोर्ट में गर्भाशय तो बताया गया है लेकिन वो भी उल्टा। 

हैरान करने वाली इस जांच रिपोर्ट के बारे में जब सतना डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ अरविंद सराफ से जानकारी चाही गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं, पैथोलॉजी लैब से जुड़ा एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिसकी शिकायत सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला से की गई है। आयुष्मान हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर की पैथोलॉजी लैब को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि हॉस्पिटल प्रबंधन एवं संबद्ध चिकित्सकों द्वारा भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट जारी की जा रही है। 

पैथॉलाजिस्ट के नाम पर केवल हस्ताक्षर की सील लगाकर मरीजों की जांच रिपोर्ट प्रदान की जा रही है। शिकायतकर्ता ने कहा कि हॉस्पिटल की पैथोलॉजी में रक्त व अन्य जांच रिपोर्टों में पैथोलॉजिस्ट डॉ. साक्षी चौरसिया के नाम से जांच दर्शाए जाते हैं जबकि वास्तविकता में जांच रिपोर्ट पर उनके हस्ताक्षर नहीं होते, बल्कि केवल प्रिंटेड हस्ताक्षर की सील लगाकर रिपोर्ट जारी की जाती है। उन्होंने इस पूरे मामले का एक वीडियो भी रिकार्ड किया है। यदि इस मामले में जांच हुई तो अस्पताल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती है। 

शिकायत के साथ मरीज राघव तिवारी की पैथोलॉजी रिपोर्ट भी दी गई है, जो कि दिनांक 7 जनवरी 2026 की है।  रिपोर्ट में हीमोग्राम जांच के अंतर्गत एचजीबी (हिमोग्लोबिन) का मान जांच पर्ची में 16.8 दर्शाया गया है, जबकि अंतिम रिपोर्ट में 10.8 लिखा गया है। इस प्रकार की विसंगति यह संकेत देती है कि जांच प्रक्रिया मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं की जा रही है। 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पैथोलॉजिस्ट डॉ साक्षी चौरसिया कई बार लैब में उपस्थित ही नहीं रहतीं, इसके बावजूद उनके नाम व हस्ताक्षर की सील से रिपोर्ट जारी की जाती है। इस संबंध में शिकायतकर्ता के पास वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है। इससे पूर्व भी डॉ अनीता गर्ग के नाम की हस्ताक्षर सील लगाकर रिपोर्ट तैयार किए जाने के आरोप सामने आ चुके हैं। 

बताया गया कि पूर्व में की गई शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बावजूद केवल तीन दिन के लिए पैथोलॉजी को बंद किया गया था। सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला से बताया कि लापरवाही के दोनों ही मामलों की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करेंगे।

नगर परिषद अध्यक्ष निरंजन प्रजापति ने सतना सिटी कोतवाली थाने मे भी इसकी शिकायत दर्ज कराई है। (रिपोर्ट: अमित त्रिपाठी)

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