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उत्तराखंड के सीएम धामी बोले- यूसीसी लागू होने के बाद निर्मूल हुई निजता उल्लंघन की आशंकाएं

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Jan 20, 2026 07:04 pm IST,  Updated : Jan 20, 2026 07:07 pm IST

उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी के आंकड़े जारी किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में यूसीसी पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है। इसने अन्य राज्यों को भी रास्ता दिखाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी- India TV Hindi
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। फाइल Image Source : PTI

देहरादूनः उत्तराखंड में 27 जनवरी को यूसीसी लागू किए एक साल हो जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत बीते एक साल में विभिन्न सेवाओं के लिए कुल पांच लाख से अधिक आवेदन हुए हैं, लेकिन एक भी मामले में निजता उल्लंघन की शिकायत नहीं आई है। इस तरह उत्तराखंड समान नागरिक संहिता, नागरिकों की निजी जानकारियां सुरक्षित रखने के अपने संकल्प पर शत प्रतिशत खरा उतरी है। यही नहीं ऑनलाइन आवेदन में पूरी प्रक्रिया फेसलेस होने से भी किसी की भी पहचान सार्वजनिक होने का खतरा नहीं है। 

यूसीसी लागू होने के बाद निर्मूल हुई निजता उल्लंघन की आशंकाएं 

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता, लगभग शत प्रतिशत आवेदन यूसीसी पोर्टल के जरिए हो रहे हैं। इसमें आवेदक घर बैठे ही किसी भी सेवा के लिए आवेदन कर सकता है। इस तरह उन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय या अधिकारी के सामने उपस्थित होने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही पोर्टल में नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित और गोपनीय रखने के लिए मजबूत सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं, यहां तक कि ऑनलाइन आवेदन यदि एक बार सक्षम स्तर के अधिकारी स्तर से मंजूर हो गया तो फिर, संबंधित अधिकारी भी आवेदन की निजी जानकारी नहीं देख पाता है। 

आवेदन के साथ प्रस्तुत की गई निजी जानकारी तक सिर्फ आवेदक की ही पहुंच है, जो जरूरी वैरिफिकेशन प्रक्रिया के जरिए इसे देख सकता है। यही कारण है कि बीते एक साल में निजता उल्लंघन की एक भी शिकायत नहीं आई है। जबकि अब लोग विवाह पंजीकरण के साथ ही विवाह विच्छेद, वसीयत पंजीकरण, लिव इन पंजीकरण से लेकर लिव इन रिश्ते समाप्त करने तक के लिए यूसीसी प्रावधानों का प्रयोग कर रहे हैं। दूसरी तरफ औसत पांच दिन में प्रमाणपत्र मिलने से लोगों का समय भी बच रहा है।  

यूसीसी क्रियान्वयन ने दिया सभी को जवाब

समान नागरिक संहिता को लेकर कुछ लोगों ने शुरुआत में नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया। विगत एक साल में यूसीसी क्रियान्वयन ने ऐसे सभी लोगों को जवाब दे दिया है। समान नागरिक संहिता नागरिकों की निजता का शत प्रतिशत पालन करने में सफल रही है। साथ ही पूरे प्रदेश में जितनी सरलता से इस प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है, वो अपने आप में गुड गर्वनेंस का उदाहरण है।

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