ऐसा माना जाता है कि बढ़ती उम्र के साथ फिट रहना मुश्किल है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक 73 साल का शख्स इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर रहा है। रेगुलर रूटीन, सिंपल सप्लीमेंट्स और स्मार्ट एक्सरसाइज़ के दम पर वह आज भी युवाओं जैसी ताकत और टोंड बॉडी बनाए हुए है। 18 जनवरी को फिटनेस कोच मार्क लैंगोव्स्की ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने जिम में मौजूद एक 73 साल के शख्स से बातचीत की। वीडियो में यह बुज़ुर्ग अविश्वसनीय रूप से फिट और मजबूत दिख रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। फिटनेस कोच से इस व्यक्ति ने अपनी फिटनेस जर्नी साझा की है।
73 साल की उम्र में क्या है वर्कआउट रूटीन?
जब मार्क ने उनसे उनकी फिटनेस का राज़ पूछा, तो उन्होंने साफ कहा, “कई लोग मुझ पर टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) लेने का आरोप लगाते हैं, लेकिन मैं ऐसा कुछ नहीं करता। मैं बस अपने रूटीन को ईमानदारी से फॉलो करता हूँ।
उन्होंने बताया कि वह हर दूसरे दिन एक्सरसाइज़ करते हैं। रोजाना 100 पुल-अप्स करते हैं। उनकी यह बात सुनकर कोच मार्क भी हैरान रह गए, क्योंकि इतनी उम्र में इतना इंटेंस वर्कआउट कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती।
सप्लीमेंट्स और न्यूट्रिशन का क्या है रोल?
वर्कआउट के अलावा, उन्होंने अपने न्यूट्रिशन को भी सिंपल बताया। वो व्हे प्रोटीन, कोलेजन और क्रिएटिन सप्लीमेंट्स लेते हैं। जब उनसे उनके बॉडी फैट प्रतिशत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया, मैंने हाल ही में टेस्ट करवाया है। मेरा बॉडी फैट करीब 8.5 प्रतिशत है। मार्क ने उनसे पूछा कि वह एक बार में कितने पुल-अप्स कर सकते हैं। इस पर उन्होंने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, “30 पुल-अप्स।
उम्र सिर्फ एक नंबर है
73 साल की उम्र में यह शख्स साबित करता है कि सही डिसिप्लिन, लगातार ट्रेनिंग, स्मार्ट न्यूट्रिशन और पॉजिटिव लाइफस्टाइल के साथ उम्र को मात दी जा सकती है। उनकी कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो यह मान बैठे हैं कि बढ़ती उम्र के साथ फिटनेस संभव नहीं होती।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)