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नोएडा: गड्ढे के पानी में कार सहित कैसे डूब गया था इंजीनियर, मौत के 72 घंटे बाद बरामद हुई गाड़ी-VIDEO

 Reported By: Kumar Sonu Edited By: Kajal Kumari
 Published : Jan 20, 2026 07:32 pm IST,  Updated : Jan 20, 2026 07:32 pm IST

नोएडा में एक गहरे गड्ढे में भरे पानी में डूबकर इंजीनियर की मौत हो गई थी। मौत के करीब 72 घंटे के बाद कार बरामद कर ली गई है। जानें कैसे हुई लापरवाही, अबतक क्या हुई कार्रवाई?

72 घंटे बाद बरामद हुई युवराज की कार- India TV Hindi
72 घंटे बाद बरामद हुई युवराज की कार Image Source : REPORTER

नोएडा: सेक्टर-150 में बन रहे एक अपार्टमेंट के बेसमेंट में भरे पानी के गड्ढे में 27 साल के इंजीनियर युवराज मेहता अपनी कार सहित डूब गया और उसकी मौत हो गई। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा पुलिस ने नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसके बाद मृत इंजीनियर की मौत के करीब 72 घंटे के बाद उसकी कार को गड्डे से निकाला गया है। बता दें कि नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रविवार को दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन और लोटस ग्रीन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी मामले में संज्ञान लिया, जिसके बाद शासन ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम को हटा दिया है।

कैसे हुई घटना

घटना 17 जनवरी शनिवार की रात की है। युवराज गुरुग्राम से नोएडा अपने घर लौट रहा था और उस रात कोहरा काफी घना था। अपने घर से बस कुछ ही पहले नोएडा सेक्टर 150 मोड़ पर यू टर्न लेते ही एक डिवाइडर और उसके पीछे एक खुली जगह जहां पानी भरा हुआ था, घने कोहरे की वजह से युवराज को साफ दिखाई नहीं दिया और वो यू-टर्न लेने के बजाय कार सीधी ले गया और उसकी कार सामने दीवार से टकराई और उस नाले को पार करते हुए पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी। तब रात के करीब 12 बजे थे और पूरा इलाका कोहरे से ढका हुआ था।

देखें वीडियो

लापरवाही की वजह से गई युवराज की जान

युवराज ने मदद के लिए आवाज लगाई फिर मोबाइल से अपने पापा राजकुमार को फोन किया और बताया कि वो नाले में गिरा हुआ है। पिता ये सुनते ही  बेटे को बचाने घर से निकल पड़े। और साथ ही उन्होंने 112 नंबर पर कॉल भी कर दिया। पुलिस पहुंची तब भी युवराज जिंदा था, पुलिस ने पहले फायर ब्रिगेड और फिर एसडीआरएफ को फोन कर मौके पर बुलाया। लेकिन लापरवाही के कारण युवराज को बचाया नहीं जा सका और युवराज की गड्डे में ही डूबकर मौत हो गई।

पापा मैं मरना नहीं चाहता...

सुबह छह बजे युवराज का शव गड्डे के पानी से बाहर निकाला गया। गड्ढे में डूबने से पहले युवराज ने अपने पाेपा को फोन किया था, पापा मैं गहरे गड्ढे में गिर गया हूं, पानी भरा हुआ है, मैं डूब रहा हूं। प्लीज आकर मुझे बचा लीजिए, मैं मरना नहीं चाहता हूं। हादसे के वक्त वो कार की छत पर बैठकर लोगों से मदद मांगता रहा, लेकिन पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ तमाशबीन बने रहे। 80 लोग मौके पर मौजूद थे लेकिन वह काफी मशक्कत के बाद रात बीती और चार बजे एसडीआरएफ की टीम आई और 6 बजे के बाद लाश निकाली। 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत का मामला लोगों को दहला रहा है। 

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