वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में लाखों भक्त दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में दर्शनों के लिए दो सामान्य द्वार हैं जिसमें गेट नंबर 2 और 3 से भक्तों की एंट्री होती है और गेट नंबर 4 निकास द्वार है। मंदिर में वीआईपी दर्शनों के लिए गेट नंबर 5 है जिसमें VIP दर्शनों के लिए आपको पहले से आवेदन कराना होता है। हालांकि कुछ लोग मंदिर पहुंचने के बाद वीआईपी दर्शनों के लिए जिद करने लगते हैं, जिससे वो ठगी के शिकार भी हो जाते हैं। अगर आप भी बांके बिहारी मंदिर में VIP दर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए क्या नियम हैं और कैसे आवेदन कर सकते हैं जान लें।
बांके बिहारी मंदिर में कैसे करें VIP दर्शन?
वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर से आशीष गोस्वामी ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर में प्रवेश करने के दो रास्ते हैं गेट नंबर 2 और गेट नंबर 3, इन रास्तों से आप मंदिर के अंदर जाकर दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा तीसरा गेट 5 नंबर है जो VIP गेट है। अक्सर लोग मंदिर के बाहर 5 नंबर गेट पर आकर कहते हैं कि हमें मंदिर के अंदर प्रवेश करवा दो, जबकि वीआईपी गेट नंबर पांच से बांके बिहारी में दर्शन करने के लिए आपको अपना नाम और आधार कार्ड की फोटो एक दिन पहले भेजनी होती है। इससे आपके वीआईपी दर्शनों की बुकिंग होती है और आप अगले दिन दर्शन कर सकते हैं। कुछ लोग आपको गेट नंबर 5 से ले जाकर दर्शन कराने की बात कहेंगे, लेकिन ऐसे लोगों के बहकावे में आप न आएं। मंदिर में VIP दर्शनों के लिए बाकायदा नियम हैं जिन्हें आपको फॉलो करना चाहिए।
बांके बिहारी VIP दर्शन के लिए बुकिंग कैसे कराएं?
आप बांके बिहारी मंदिर की आधिकारिक पोर्टल https://www.bihariji.org पर जाकर भी बुकिंग करा सकते हैं। वीआईपी बुकिंग के चार्ज 501 से शुरू होते हैं, जिसे आप ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। यहां आप अपनी यात्रा की तारीख, समय और भक्तों की संख्या चुन सकते हैं। साथ ही अपना नाम और संपर्क विवरण दर्ज करा सकते हैं।
बांके बिहारी मंदिर VIP गेट का नंबर क्या है?
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सेवायतों के यजमान, सेवायत परिवार और वीआईपी के प्रवेश के लिए गेट संख्या पांच नियत की गई है। गेट संख्या पांच पर भीड़ कम होती है और आप बिना धक्का-मुक्की के मंदिर प्रांगण में सीधे प्रवेश कर सकते हैं। भीड़ से बचने के लिए ज्यादातर श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश के लिए गेट संख्या पांच पर भी पहुंच जाते हैं। मंदिर में वीआईपी दर्शन कराने का झांसा देने वाले गाइड भी श्रद्धालुओं को लेकर गेट संख्या पांच पर ही आते हैं। लेकिन अब मंदिर में वीआईपी दर्शनों और मंदिर में प्रवेश पाने वाले यजमान और वीआईपी का पहले सत्यापन होगा, उसके बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।