Ganesh Jayanti 2026 Date: गणेश जयंती माघ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। ये त्योहार मुख्य रूप से महाराष्ट्र व कोंकण के तटीय क्षेत्रों में मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और शुभ मुहूर्त में विधि-विधान भगवान गणेश की पूजा करते हैं। इस त्योहार को महाराष्ट्र में माघ शुक्ल चतुर्थी, तिल कुंड चतुर्थी और वरद चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। चलिए आपको बताते हैं गणेश जयंती की पूजा विधि, मुहूर्त और चंद्रोदय टाइम।
गणेश जयंती 2026 शुभ मुहूर्त (Ganesh Jayanti 2026 Shubh Muhurat)
गणेश जयन्ती 22 जनवरी 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। गणेश जयंती पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:29 से दोपहर 01:37 बजे तक रहेगा। इस दिन वर्जित चन्द्रदर्शन का समय सुबह 09:22 से रात 09:19 बजे तक रहेगा। चतुर्थी तिथि का प्रारम्भ 22 जनवरी 2026 को 02:47 AM बजे होगा और समापन 23जनवरी 2026 को 02:28 AM पर होगा।
गणेश जयंती पूजा विधि (Ganesh Jayanti Puja Vidhi)
- गणेश जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल के पास एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
- इसके बाद बप्पा की प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें।
- फिर बप्पा को सिंदूर या पीले चंदन का तिलक लगाएं और उन्हें जनेऊ अर्पित करें।
- लाल और पीले फूल चढ़ाएं।
- मोदक, लड्डू या तिल के लड्डू का भोग लगाएं।
- 21 दूर्वा अर्पित करें।
- गणेश मंत्रों का जाप करें। साथ ही गणेश चालीसा भी पढ़ें।
- इसके बाद गणेश जयंती की कथा सुनें।
- अंत में गणेश जी की आरती के साथ पूजा संपन्न करें।
गणेश जयंती का महत्व (Ganesh Jayanti Ka Mahatva)
गणेश जयंती का व्रत रखने से जीवन की सभी परेशानियों का अंत हो जाता है। ये व्रत जीवन में सुख-समृद्धि लाता है और भगवान गणेश की विशेष कृपा दिलाता है।
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