भारतीय टेलीविजन के इतिहास में कुछ ही ऐसे शो हुए हैं जिन्होंने अपनी कहानियों, किरदारों और अनोखी दुनिया के जरिए दर्शकों के दिलों में स्थायी छाप छोड़ी हो। खासकर 1990 के दशक का दौर टीवी इंडस्ट्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण और यादगार माना जाता है। उस समय टेलीविजन केवल मनोरंजन का साधन नहीं था, बल्कि पूरे परिवार को एक साथ जोड़ने वाला माध्यम भी था। शाम होते ही घर के सभी सदस्य टीवी के सामने इकट्ठा हो जाते थे और अपने पसंदीदा धारावाहिक का बेसब्री से इंतजार करते थे। यही वह समय था जब भारतीय दर्शकों को एक ऐसा शो मिला जिसने बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को अपनी कहानी और जादूई दुनिया में खींच लिया।
इस शो की सबसे बड़ी खासियत इसकी रहस्यमय कहानियां, जादू, रोमांच और अद्भुत कल्पनाओं का मिश्रण था। इसके भव्य सेट्स, विस्तृत प्रॉप्स, दमदार कलाकार और खूबसूरत संगीत इसे स्क्रीन पर एक जादुई अनुभव जैसा बनाते थे। हर एपिसोड दर्शकों को एक नई दुनिया में ले जाता था, जहां अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष और रोमांचक मोड़ देखने को मिलते थे। इस शो को इतना पसंद किया गया कि इसे IMDb पर 8.5 की रेटिंग मिली है। आज के दौर के शो इसके आस-पास भी नहीं खड़े हो पाते हैं।
1993 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ यह शो था ‘अलिफ लैला’, जिसे एस. संजय खान ने प्रोड्यूस किया था। यह शो प्रसिद्ध अरेबियन नाइट्स की कहानियों पर आधारित था। इसकी मुख्य कहानी राजा शहियार और रानी शेहेरजादी के इर्द-गिर्द घूमती थी। कहानी के अनुसार राजा शहियार हर रात अपनी नई पत्नी को मौत की सजा देता था। लेकिन रानी शहरजाद अपनी बुद्धिमत्ता और चतुराई से हर रात उसे एक नई कहानी सुनाकर अपनी जान बचा लेती थी। इसी रूपरेखा में जादू, राक्षस, परियों, रोमांस, साहस और चमत्कारों की कहानियां दिखाई जाती थीं, जो दर्शकों को पूरी तरह अपनी दुनिया में खींच लेती थीं।
इस शो में कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपने अभिनय का जादू बिखेरा। शहरजाद का किरदार दामिनी कनवाल ने निभाया। कहानी में दलीप ताहिल, इरफान खान, शहबाज खान, कृति सिंह और कई अन्य कलाकारों ने यादगार भूमिकाएं निभाईं। हर कहानी में नए किरदार, नए सेट और अलग कहानी की थीम होती थी, जिससे दर्शकों की उत्सुकता और रुचि लगातार बनी रहती थी। ‘अलिफ लैला’ को अपने समय में दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला। इसकी शानदार विजुअल इफेक्ट्स और रहस्यमय कहानियों ने इसे बच्चों और बड़ों दोनों के बीच एक हिट बना दिया। शो की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि इसकी टीआरपी ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। लोग हर हफ्ते इसके नए एपिसोड का बेसब्री से इंतजार करते थे, और हर कहानी अपने साथ कोई नया संदेश या नैतिक सबक लेकर आती थी।
कुल मिलाकर ‘अलिफ लैला’ के लगभग 260 एपिसोड बनाए गए। हर कहानी आमतौर पर 4 से 5 एपिसोड में पूरी होती थी और दर्शकों को जादू, रोमांच और सीख का अनुभव देती थी। इस शो ने भारतीय टेलीविजन पर फैंटेसी जॉनर की एक नई दिशा दी और इसके बाद कई अन्य जादुई और पौराणिक शोज भी बनाए गए। आज भी ‘अलिफ लैला’ का जादू बरकरार है। इसके पुराने एपिसोड्स डीडी नेशनल पर देखे जा सकते हैं और यू्ट्यूब पर भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा यह कुछ OTT प्लेटफॉर्म्स जैसे MX Player और JioCinema पर भी स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। 90 के दशक की यादें ताजा करने और फैंटेसी की उस जादुई दुनिया को फिर से जीने के लिए यह शो आज भी दर्शकों के लिए एक अद्भुत अनुभव साबित होता है।
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