Basant Panchami & Panchak 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है और इस साल ये पर्व 23 जनवरी को मनाया जाएगा। बसंत पंचमी को 'अबूझ मुहूर्त' भी कहा जाता है यानी इस दिन किसी भी तरह के शुभ कार्य बिना पंचांग देखे किये जा सकते हैं। लेकिन इस साल बसंत पंचमी को लेकर एक बड़ी उलझन सामने आ रही है। दरअसल बसंत पंचमी पर पंचक का साया रहेगा। ऐसे में हर कोई इस बात को लेकर कन्फ्यूजन में हैं कि क्या इस बार बसंत पंचमी पर गृह प्रवेश, मुंडन या विवाह जैसे शुभ कार्य हो पाएंगे? चलिए जानते हैं ज्योतिष शास्त्र इस बारे में क्या कहता है।
बसंत पंचमी 2026 पर रहेगा पंचक का साया
23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के दिन पंचक का साया रहेगा। शास्त्रों अनुसार पंचक के दौरान शुभ कार्य नहीं किये जाते हैं लेकिन बसंत पंचमी पर पंचक का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दरअसल बसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त होता है यानी इस दिन किसी भी तरह के शुभ कार्य बिना पंचांग देखे किये जा सकते हैं। ऐसे में पंचक होने के बावजूद भी बसंत पंचमी पर शुभ कार्यों को करने पर कोई रोक नहीं रहेगी क्योंकि बसंत पंचमी की पूजा-पाठ पर पंचक का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। ऐसे में गृह प्रवेश, मुंडन, बच्चों का विद्यारंभ संस्कार या अक्षर अभ्यासम जैसे शुभ कार्य पूरी श्रद्धा के साथ किये जा सकते हैं।
क्या होता है पंचक?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में गोचर करता है तो उस समय को पंचक कहा जाता है। ये समय अशुभ माना जाता है इसलिए इस दौरान किसी भी तरह के मांगिलक कार्य नहीं किये जाते हैं। इस दौरान विशेष रूप से शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, दक्षिण दिशा की यात्रा और घर की छत डलवाने जैसे कार्यों पर रोक लग जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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