वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर एक बार फिर गहरी निराशा जताई है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 'आठ' युद्धों को रोककर लाखों लोगों की जान बचाई है, इसलिए उन्हें हर युद्ध के लिए एक यानी कि कुल आठ नोबेल पुरस्कार मिलने चाहिए थे। ट्रंप ने नॉर्वे की सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया। हालांकि, नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोर ने साफ-साफ कहा है कि सरकार का नोबेल पुरस्कार देने से कोई लेना-देना नहीं है।
'मुझे हर युद्ध के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए था'
ट्रंप ने कहा, 'मुझे हर युद्ध के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए था। लेकिन मैं यह नहीं कहता। मैंने लाखों लोगों की जान बचाई है। कोई ये न कहे कि नॉर्वे इसे नियंत्रित नहीं करता, ठीक है? यह नॉर्वे में है। नॉर्वे ही सब कुछ नियंत्रित करता है।' ट्रंप ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो की तारीफ की, जिन्होंने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 'पेश' किया था। ट्रंप ने कहा कि माचाडो ने यह माना कि इस पुरस्कार का असली हकदार मैं हूं। ट्रंप ने कहा, 'मारिया ने जो किया, उसके लिए मैं उनका काफी सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि नोबेल पुरस्कार उन्हें नहीं बल्कि मुझे मिलना चाहिए था।'
नार्वे के पीएम से की थी नोबेल न मिलने की शिकायत
वहीं, माचाडो के इस कदम के बाद नोबेल फाउंडेशन ने साफ किया कि कोई नोबेल पुरस्कार विजेता यह सम्मान किसी दूसरे शख्स को नहीं दे सकता। संस्थान ने बयान जारी कर कहा कि पुरस्कार विजेता इसे किसी और के साथ साझा नहीं कर सकता और न ही घोषणा के बाद इसे ट्रांसफर कर सकता है। ट्रंप ने पहले भी नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोर से नोबेल पुरस्कार न मिलने की शिकायत की थी। ट्रंप ने अपने मैसेज में कहा था, 'प्रिय जोनास: चूंकि आपके देश ने मुझे 8 युद्धों को रोकने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया, इसलिए अब सिर्फ शांति के बारे में सोचने की मेरी कोई मजबूरी नहीं है। हालांकि शांति हमेशा मेरी मुख्य प्राथमिकता रहेगी, लेकिन अब मैं अमेरिका के लिए क्या अच्छा और सही है, उसी के बारे में सोचूंगा।'


