यूपी में ऑनलाइन फूड स्टोर्स पर UPFSDA का बड़ा एक्शन, कहीं मिले कॉकरोच तो कहीं नियमों की अनदेखी; 4 के लाइसेंस किए निलंबित
UPFSDA की टीमों ने कई जिलों में छापेमारी की है। इस दौरान, जहां गाजियाबाद के वेयरहाउस में कॉकरोच मिले तो आगरा में 68 हजार रुपये मूल्य के मखाने के 273 पैकेट सीज किए गए।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रदेशव्यापी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े वेयरहाउस, डार्क स्टोर्स और खाद्य आपूर्ति केंद्रों की जांच की जा रही है। अभियान के दौरान अब तक चार स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित कर खाद्य कारोबार का संचालन बंद कराया गया है। वहीं, कुल 149 निरीक्षण किए गए हैं और 21 खाद्य नमूने जांच के लिए इकट्ठा किए गए हैं। निरीक्षण में खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, परिसर की स्वच्छता, तापमान नियंत्रण, वैधता अवधि और लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
चार स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित, खाद्य कारोबार बंद
अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में कमियां मिलने पर चार स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और खाद्य कारोबार का संचालन बंद कराया गया है। इसके अलावा, 79 मामलों में सुधार सूचना (इंप्रूवमेंट नोटिस) जारी करने की सिफारिश की गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें विभिन्न जिलों में निरीक्षण कर रही हैं। जांच के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विभाग का जोर खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन कराने और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करने पर है।
गाजियाबाद के वेयरहाउस में गंदगी और कॉकरोच मिले
गाजियाबाद में आरडीएल के निकट स्थित वेयरहाउस स्टोर के निरीक्षण के दौरान परिसर में अत्यधिक गंदगी, दीवारों पर जाले, क्षतिग्रस्त फर्श और खाद्य परिसर में कॉकरोच पाए गए। खाद्य परिसर में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियों को देखते हुए प्रतिष्ठान के खाद्य लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। वेयरहाउस और डार्क स्टोर्स में स्वच्छता की स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं खाद्य पदार्थों का भंडारण और ऑर्डर के अनुसार उनकी आपूर्ति की तैयारी होती है। ऐसे में गंदगी और कीटों की मौजूदगी खाद्य पदार्थों की सुरक्षित हैंडलिंग को प्रभावित कर सकती है।
कानपुर में भंडारण व्यवस्था और लाइसेंस संबंधी खामियां
कानपुर नगर में स्टोर्स के निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस में कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर एवं कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था का प्रावधान होने के बावजूद अपेक्षित चैंबर स्थापित नहीं किए गए थे। इसके अलावा, लाइसेंस में नामित नॉमिनी की ओर से लगभग दो वर्ष पहले त्यागपत्र दिए जाने के बावजूद उनका नाम लाइसेंस में दर्ज पाया गया। कुछ कन्फेक्शनरी उत्पादों में बेस्ट बिफोर अवधि से संबंधित निर्धारित 30 प्रतिशत की सीमा के उल्लंघन का मामला भी सामने आया। इन कमियों के मद्देनजर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने और कमियों में सुधार होने तक खाद्य कारोबार बंद कराने की कार्रवाई की गई है। लाइसेंस में दर्ज शर्तों के अनुरूप भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराना और आवश्यक विवरण अद्यतन रखना खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है।
आगरा में 68 हजार रुपये के मखाने के 273 पैकेट सीज
आगरा में एक स्टोर के निरीक्षण के दौरान मखाने के 273 पैकेट सीज किए गए। इनकी कुल कीमत लगभग 68 हजार रुपये बताई गई है। संबंधित खाद्य पदार्थ के संबंध में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
भंडारण से लेकर डिलीवरी तक हर स्तर पर जांच
विशेष अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, परिसर की स्वच्छता और तापमान नियंत्रण की व्यवस्था की जांच की जा रही है। खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर रखने और आवश्यकतानुसार कोल्ड चेन बनाए रखने की स्थिति भी देखी जा रही है। इसके साथ ही खाद्य सामग्री की खरीद एवं आपूर्ति से संबंधित बिल-वाउचर और आवश्यक अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है। खाद्य कारोबार में लगे कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड और आवश्यक प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। विभाग की टीमें पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था और उसके रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। खाद्य पदार्थों तथा अन्य सामग्रियों को निर्धारित और पृथक स्थानों पर रखने, एक्सपायर्ड, निष्क्रिय या अनुपयोगी खाद्य सामग्री की पहचान करने और उसके नियमानुसार निस्तारण की व्यवस्था भी देखी जा रही है।
बेस्ट बिफोर अवधि और पैकेजिंग पर भी नजर
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की बेस्ट बिफोर अवधि की जांच की जा रही है। अभियान के निर्धारित मानकों के अनुसार 30 प्रतिशत और 45 दिन की सीमा से संबंधित प्रावधानों के अनुपालन को भी परखा जा रहा है। कन्फेक्शनरी उत्पादों में बेस्ट बिफोर अवधि संबंधी अनियमितताएं सामने आने के बाद इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा, खाद्य पदार्थों की पैकिंग, हैंडलिंग और डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों से संबंधित आवश्यक विवरणों की जांच की जा रही है। उपकरणों की सफाई, स्वच्छता और सीआईपी (क्लीनिंग इन प्लेस) व्यवस्था की स्थिति भी देखी जा रही है, ताकि खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाली सतहों और उपकरणों की सफाई निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। इससे पहले, हाल में यूपी के 5 शहरों में रेस्टोरेंट्स पर भी FSDA ने छापा मारा था।
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