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सहारनपुर में मस्जिद के नीचे निकला कुआं कितना पुराना? जांच के लिए पहुंची ASI टीम, किया बड़ा खुलासा

ASI की टीम सोमवार को यूपी के सहारनपुर पहुंची और वहां कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वस्त किए गए मस्जिद के नीचे निकले कुएं की जांच की। ये कुआं पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

UP Saharanpur well Under debris of demolished mosque- India TV Hindi
Image Source : PTI सहारनपुर में मस्जिद के नीचे से निकला कुआं।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हाल ही में प्रशासन ने कलेक्ट्रेट ऑफिस में मौजूद एक अवैध मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार जारी है। जब मस्जिद को ध्वस्त किया गया तो वहां पर एक कुआं निकला जो कि इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। अब उस जगह पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI की टीम ने पहुंचकर कुएं की जांच की है।

कुआं मस्जिद से पहले का- ASI

ASI की टीम सोमवार को कुएं की जांच करने पहुंची। इस दौरान ASI टीम सीढ़ी के सहारे अंदर गई और कुंए की संरचना की प्राथमिक जांच की। जांच के बाद ASI अधिकारी ने मीडिया को बताया कि ये संरचना 200 से 300 साल पुरानी नजर आती है यानी कुआं मस्जिद से पहले का है। ASI टीम के मुताबिक ज्यादा जानकारी इस कुएं की खुदाई के बाद ही पता चलेगी। प्रशासन ने अभी सिर्फ कुएं को लेकर जानकारी मांगी है कि ये कितना पुराना है।

200 से 300 साल पुरानी संरचना

सहारनपुर में कलेक्टर परिसर से हटाई गई मस्जिद लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। कलेक्ट्रेट परिसर में ASI की टीम उस कुएं की जांच करने के लिए पहुंची जो मस्जिद को हटाने के बाद नजर आया। इस दौरान ASI अधिकारी मनोज कुमार यादव सीढ़ी के सहारे हुए के अंदर गए और कुंए की संरचना की प्राथमिक जांच की। जांच के बाद ASI अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यह संरचना 200 से 300 साल पुरानी नजर आती है। यानी कुआं मस्जिद से पहले का है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोई आश्चर्य की बात नहीं है, बल्कि दूसरी जगह पर भी इस तरह की संरचना मिल सकती है।

खुदाई के बाद पता चलेगी और जानकारी

मीडिया से बातचीत में ASI अधिकारी मनोज कुमार यादव ने कहा कि इस कुएं के बारे में ज्यादा जानकारी इसकी खुदाई के बाद ही पता चलेगी और यह काम प्रशासन के द्वारा किया जा सकता है। उनकी अनुमति होगी तो इसकी खुदाई भी की जा सकती है। ये संरचना उत्तर मध्यकालीन युग की सभ्यता से सम्बंधित बताई जा रही है। वहीं, इस कुएं को लेकर मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली की तरफ से बयान आया। उन्होंने कहा कि मस्जिद में वजू के लिए कुएं का इस्तेमाल पहले से होता रहा है और उन्हीं में से यह भी कुआं था।

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