कारोबारी ने वर्ल्ड टूर करने में ₹14 करोड़ खर्च किए, 33 साल में घूमे 233 देश; इस जगह हुई सबसे ज्यादा दिक्कत
सोशल मीडिया पर एक शख्स की पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि एक कारोबारी ने वर्ल्ड टूर करने में ₹14 करोड़ खर्च किए।

चीन के झेजियांग प्रांत के झुजी शहर के 53 वर्षीय व्यवसायी चेन जिनवेई ने एक अद्भुत उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने पिछले 33 वर्षों में दुनिया के 233 देशों, क्षेत्रों और टेरिटरीज की यात्रा पूरी की है। इस वैश्विक सफर पर उन्होंने करीब एक करोड़ युआन यानी लगभग 14 करोड़ रुपये (लगभग 15 लाख अमेरिकी डॉलर) खर्च किए। हाल ही में पेरू की यात्रा के बाद वे अपने गृहनगर लौटे और इस लंबे सफर को पूरा किया।
1993 में शुरू हुई थी यात्रा
साउथ चाइन मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चेन मशीनरी कंपनी के मालिक हैं। उनकी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की शुरुआत 1993 में सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड से हुई थी। उस समय इंटरनेट व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं था। चेन ने कहा कि वे किताबों या सुनी-सुनाई बातों पर निर्भर न रहकर खुद अपनी आंखों से देखना चाहते थे कि “दुनिया का दूसरा पहलू कैसा दिखता है।” यही जिज्ञासा धीरे-धीरे उनके जीवन का मिशन बन गई।
यात्रा के बाद घर पर एक महीना बिताते
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे खास बात यह है कि उन्होंने न तो अपना व्यवसाय छोड़ा और न ही परिवार की जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ा। वे अक्सर एक महीना घर पर बिताते थे—जहां व्यवसाय और परिवार का ध्यान रखते थे और अगला महीना यात्रा पर निकाल देते थे। इस तरह उन्होंने काम, परिवार और शौक के बीच संतुलन बनाए रखा। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन में अब तक केवल करीब 70 लोग ही 233 देशों-क्षेत्रों की यात्रा कर पाए हैं। दुनिया में आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त देशों की संख्या करीब 195 है, लेकिन कई संगठन आश्रित क्षेत्रों, टेरिटरीज और विशेष क्षेत्रों को शामिल कर इस संख्या को 233 या उससे अधिक मानते हैं।
ये रहीं सबसे कठिन डेस्टिनेशन
चेन ने बताया कि, उन्होंने जानबूझकर कठिन गंतव्यों को प्राथमिकता दी। अंटार्कटिका पहुंचने के लिए उन्हें दो प्रयास करने पड़े। नवंबर 2015 में फ्रांसीसी क्रूज जहाज ले बोरेल पर सवार होकर वे गए, लेकिन तीसरे दिन जहाज की बिजली चली गई और काला धुआं निकलने लगा, जिससे यात्रा रद्द करनी पड़ी। जनवरी 2016 में दूसरे प्रयास में वे सफलतापूर्वक दक्षिण ध्रुव पहुंचे। न्यूजीलैंड के छोटे से द्वीप क्षेत्र टोकेलाउ को उन्होंने अपनी सबसे बड़ी चुनौती बताया। 2019 में तैयारी पूरी होने के बावजूद सार्वजनिक मेडिकल इमरजेंसी के कारण यात्रा रद्द हो गई।
मलेरिया और भूकंप का सामना करना पड़ा
अफ्रीका में मलेरिया हो गया, ग्रीस में भूकंप का सामना करना पड़ा। इन अनुभवों से उन्होंने सीखा कि समस्या आने पर पहले शांत रहें, फिर समाधान सोचें। चेन के लिए यात्रा सिर्फ पर्यटन स्थलों की टिक-लिस्ट पूरी करना नहीं थी। वे हर जगह ज्यादा समय बिताकर स्थानीय संस्कृति में डूबना चाहते थे। उन्होंने 198 देशों की मुद्राएं एकत्र कीं और बाद में उन्हें जू शियाके मेमोरियल हॉल को दान कर दिया।
'जो भी करो उसमें दृढ़ रहो'
व्यवसाय और यात्रा दोनों में चुनौतियां आती हैं: अप्रत्याशित परिस्थितियां, योजनाओं में बदलाव। चेन कहते हैं, 'उतार-चढ़ाव, खुशियां और दुख कुछ भी हो, जो भी करो उसमें दृढ़ रहो।' जो लोग यात्रा के सपने को टालते रहते हैं, उन्हें उनकी सलाह है'इंतजार मत करो। समय किसी का इंतजार नहीं करता।' अब जब उनका 33 वर्षीय वैश्विक दौरा पूरा हो चुका है, चेन बच्चों और माता-पिता के साथ अधिक गुणवत्तापूर्ण समय बिताना चाहते हैं। साथ ही, आउटडोर और पर्यटन उद्योग के 100 प्रमुख व्यक्तित्वों से साक्षात्कार लेकर उनकी जीवन कहानियां दस्तावेज करने की योजना बना रहे हैं।
गौरतलब है कि, इससे पहले 16 पासपोर्ट के साथ 245 देश घूमने वाले बेंगलुरु के म्यूजिशियन की पोस्ट वायरल हुई थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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