भारतीय म्यूजिशियन और घुमक्कड़ बेनी प्रसाद ने अपनी रिकॉर्डतोड़ विश्व यात्रा का वीडियो शेयर किया है। इसमें उनके 16 पासपोर्ट पर वीजा और इमिग्रेशन मुहरें लगी हैं जिन्हें दिखाते हुए एक वीडियो ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और उनकी यात्रा की कहानी ने दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर mosttraveledpeople नामक हैंडल से शेयर करत हुए शख्स ने बताया कि, उन्होंने भारतीय पासपोर्ट पर यात्रा करते हुए पृथ्वी के हर देश और क्षेत्र का सबसे कम समय में दौरा करने का कारनामा किया है। वीडियो में यह भी बताया गया है कि प्रसाद ने दुनिया भर में प्रदर्शन करते हुए 16 पासपोर्टों पर वीजा और प्रवेश मुहरें लगवाईं, और यह भी बताया गया कि उनकी यात्रा में केवल फ्लाइट बुकिंग से कहीं अधिक काम शामिल था। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था कि, 'कमज़ोर पासपोर्ट के साथ दुनिया भर में यात्रा करने का रिकॉर्ड कैसे तोड़ा जाए? संगीतकार और विश्व यात्री बेनी प्रसाद (@bennyprasad) ने पृथ्वी के हर देश की यात्रा सबसे तेज़ी से पूरी की। उन्होंने यह यात्रा मात्र 6 साल, 6 महीने और 22 दिनों में पूरी की।'
6 साल में घूम डाली दुनिया
वीडियो में प्रसाद ने बताया कि उन्होंने छह साल, छह महीने और 22 दिनों में अंटार्कटिका सहित 245 देशों और क्षेत्रों की यात्रा की, जिसमें संप्रभु देश और आश्रित क्षेत्र दोनों शामिल थे। वीडियो में उन्हें पासपोर्ट के पन्ने पलटते हुए दिखाया गया है, जिनमें हर पन्ना रंगीन आव्रजन मुहरों और वीजा से भरा हुआ था, जबकि कुछ पुराने पन्ने समय के साथ पीले पड़ गए थे।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस वीडियो को देखने के बाद इस पर कई यूजर्स ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई लोग उनकी यात्रा की कहानी से प्रभावित हुए, एक यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'आप एक प्रेरणा हैं।'
दूसरे ने लिखाा कि, 'हे भगवान, यह सोचकर ही मुझे डर लगता है कि इसमें कितने सारे कागजी काम करने पड़ते!'
एक यूजर ने उन्हें 'भारत का असली यात्री' कहा।
एक और यूजर ने लिखा कि, 'सोशल मीडिया के अस्तित्व में आने से पहले के असली ट्रैवल इन्फ्लुएंसर।'
एक यूजर ने खुलासा किया, 'ये बेनी प्रसाद हैं...महान गिटारवादक और प्रेरक वक्ता...वे अमीर नहीं थे...लेकिन उनकी प्रतिभा ने उन्हें कामयाबी की ऊंचाइयों तक पहुंचाया।'
कौन हैं बेनी प्रसाद
6 अगस्त, 1975 को बेंगलुरु में जन्मे बेनी प्रसाद का जीवन साहस और दृढ़ता का संगम है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वे बचपन से ही गंभीर अस्थमा से जूझ रहे थे और लंबे समय तक कॉर्टिसोन स्टेरॉयड का इलाज करवाया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें रूमेटॉइड आर्थराइटिस, फेफड़ों का 60 प्रतिशत नुकसान और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी समस्याएं हो गईं। 16 वर्ष की आयु में प्रसाद अवसाद से जूझ रहे थे और जीवन के दबावों के कारण उन्होंने आत्महत्या करने का भी विचार किया था। एक युवा आश्रम में भाग लेने के बाद उनके जीवन में एक नया मोड़ आया, जहाँ उन्हें अपने जीवन का नया उद्देश्य मिला। बाद में उन्होंने संगीत की खोज की, जो उनके विश्व भ्रमण का प्रेरक बल बन गया।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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