सिंगापुर दुनिया के सबसे महंगे शहरों में शुमार है। वहां रहने का खर्च सुनकर कई लोगों को झटका लग सकता है। हाल ही में इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर कृतिका जैन ने एक वीडियो में अपना और अपने पार्टनर का मासिक खर्च विस्तार से बताया है। उनके मुताबिक सेंट्रल सिंगापुर में एक बेडरूम अपार्टमेंट में रहने वाले इस जोड़े का हर महीने का खर्च करीब 4,700 से 4,900 सिंगापुर डॉलर आता है, जो मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से लगभग ₹3.01 लाख से ₹3.14 लाख बैठता है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @theroamingtoes नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में कृतिका ने साफ कहा कि सिंगापुर में रहना कीमत चुकाने जैसा है। उन्होंने ऑडियंस से पूछा कि क्या यह अनुभव इतना महंगा होने के बावजूद इसके लायक है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने खर्चों पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स हैरान थे कि एक साधारण लगने वाली जिंदगी में भी इतना पैसा कैसे निकल जाता है।
खर्च का पूरा ब्रेकडाउन
कृतिका ने कैटेगरी-वाइज खर्च बताए जो कि इस प्रकार हैं :
- किराया: सबसे बड़ा खर्च। सेंट्रल एरिया में एक बेडरूम अपार्टमेंट का मासिक किराया 3,000 सिंगापुर डॉलर है, यानी करीब ₹2.2 लाख। यह अकेले ही कुल खर्च का बड़ा हिस्सा खा जाता है।
- किराना और बाहर खाना: 800 से 1,000 सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹60,000 से ₹75,000)। जोड़ा हफ्ते में तीन-चार बार बाहर खाता है और बाकी दिन घर पर खाना बनाता है।
- यूटिलिटीज और इंटरनेट: बिजली, पानी, वाई-फाई और मोबाइल बिल मिलाकर करीब 200 सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹15,000)।
- परिवहन: पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कभी-कभार टैक्सी पर 200 सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹15,000)।
- शॉपिंग, एंटरटेनमेंट, सब्सक्रिप्शन और मिसलेनियस: 500 सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹37,000)।
बताया गया कि, कुल मिलाकर यह खर्च ₹3 लाख के आसपास पहुंच जाता है। ध्यान रहे कि यह सिर्फ दो लोगों का खर्च है और सेंट्रल लोकेशन का किराया काफी ऊंचा है। अगर कोई सस्ते इलाके में रहे या रूमशेयर करे तो खर्च कम हो सकता है, लेकिन कई भारतीय प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स इसी रेंज में रहते हैं।
क्यों इतना महंगा है सिंगापुर?
बता दें कि, सिंगापुर की अर्थव्यवस्था मजबूत है, सैलरी अच्छी मिलती है और सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सुविधाएं बेहतरीन हैं। लेकिन हाउसिंग कॉस्ट बहुत ऊंची है। एक बेडरूम का किराया ही भारत के कई शहरों में पूरे परिवार के मासिक खर्च जितना हो जाता है। खाने-पीने का सामान भी महंगा पड़ता है। कार रखना तो लगभग असंभव है क्योंकि सर्टिफिकेट ऑफ एंटाइटेलमेंट (COE) की कीमतें आसमान छूती हैं। कई अन्य भारतीय एक्सपर्टस भी पहले बता चुके हैं कि रेंट 3,000 से 5,000 सिंगापुर डॉलर तक जा सकता है। कुछ लोग बजट कंट्रोल करके कम खर्च में गुजारा करते हैं, लेकिन केंद्रीय इलाके में आरामदायक जिंदगी जीने का मतलब है ऊंचा बिल।
गौरतलब है कि, इससे पहले एक भारतीय महिला ने सिंगापुर में रहने के बाद खर्चे कैसे कम हुए इस पर वीडियो शेयर किया था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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